नारनौल। राजकीय महाविद्यालय में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम ने दो दिवसीय निरीक्षण की शुरुआत की। इसमें नैक टीम ने सभी पहलुओं की जानकारी ली।
प्राचार्या डॉ. पूर्ण प्रभा ने बताया कि महाविद्यालय में नैक का निरीक्षण प्रति पांच वर्ष में एक बार कराया जाता है। महाविद्यालय प्रेस प्रवक्ता प्रोफेसर डॉ चंद्र मोहन ने बताया कि निरीक्षण टीम में चेयरपर्सन प्रोफेसर डॉ. हमसा वाहिनी, सदस्य संयोजक प्रोफेसर डॉ. कलोल कुमार घोष एवं सदस्य प्रोफेसर डॉ. राजेश्वरी कालीदास ने महाविद्यालय का निरीक्षण किया।
नैक टीम ने निरीक्षण के दौरान पहले दिन सभी विभागों जिसमें भूगोल, प्राणी शास्त्र, रसायन शास्त्र, वनस्पति, भौतिक, अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, कॉमर्स, कम्प्यूटर, मिल्ट्री साइंस, इतिहास, समाजशास्त्र, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन व राजनीतिक विभागों की सभी गतिविधियों की जांच-पड़ताल की। इसके साथ महाविद्यालय में सभी प्रयोगशालाओं की सघनता से निरीक्षण किया गया। देश के प्रतिष्ठित और राष्ट्रीय संस्थान यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की नैक टीम को पिछले पांच सालों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद और महाविद्यालय की सभी आधारभूत संरचना व ढांचागत सुविधाओं के बारे में अवगत कराया गया।
नैक टीम द्वारा विभिन्न कार्यालय व छात्र-छात्राओं एवं विद्यार्थियों के संरक्षकों के साथ बैठक करके महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। महाविद्यालय को श्रेष्ठ बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए गए। इसके अलावा महाविद्यालय में नैक टीम के लिए एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया। जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा संचालित नृत्य और गायन वादन की अनेक प्रस्तुतियां दी। टीम यहां पर वीरवार को भी निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट निदेशालय को सौंपी जाएगी।
इंसेट
ग्रेड बढ़ने से यह होगा लाभ
नैक संस्थानों को ग्रेडिंग देता है। इसके आधार पर ही महाविद्यालयों की गुणवत्ता तय होती है। महाविद्यालय को ए ग्रेड मिलने के बाद सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं और ग्रांट में बढ़ोतरी होगी। जिससे छात्राओं व महाविद्यालय के स्टाफ को फायदा होगा। टीम ने मूल्यांकन को लेकर यह निरीक्षण महाविद्यालय में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अकादमिक, प्रशासनिक व अन्य गतिविधियों का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से किया जाएगा।