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Mahendragarh-Narnaul News: भूजल को रिचार्ज करने के लिए प्रदेश सरकार बनाए विशेष परियोजना

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फोटो संख्या:76- सुधीर--संवाद
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महेंद्रगढ़। डार्क जोन में शामिल जिले में लगातार भूजल स्तर की स्थिति खराब हो रही है जो हर वर्ग के लिए चिंता का विषय है। पर्याप्त नहरी पानी नहीं मिलने व तेजी से सूख रहे भूजल से जिले का हर वर्ग परेशान है। विशेषकर आने वाले दो दशकों में किसानों के लिए खेती करना बड़ी चुनौती होगी। क्षेत्र के युवाओं का कहना है कि प्रदेश सरकार जिले की इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए जिले के लिए विशेष योजना तैयार करे। जेएलएन की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बारिश के पानी का संरक्षण कर उसे भूजल रिचार्ज के रूप में प्रयोग करने पर नई परियोजनाएं बनानी होंगी।
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भविष्य में भूजल स्तर के हालात अधिक खराब न हों इसके लिए हर वर्ग को पानी की एक-एक बूंद का जरूरत के हिसाब से उपयोग करना होगा। भूजल स्तर का अधिक प्रयोग जिले में कृषि कार्याें के लिए किया जाता है। ऐसे में कृषि में होने वाले पानी के खर्च को कम करने के लिए नई तकनीकि का आविष्कार समय की बड़ी जरूरत है।

कृषि सिंचाई के लिए भूजल के पानी का बहुत बड़े स्तर पर वर्षों से दौहन होता आया है। ऐसे में कृषि सिंचाई के लिए पानी बचाने वाली नई तकनीक का आविष्कार किया जाना आवश्यक है। साथ ही सरकार इस जिले के लिए भूजल स्तर को रिचार्ज करने की विशेष परियोजना तैयार करे तो हालात सुधर सकेंगे।
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-नवीन कुमार यादव, गांव सिसोठ।
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जेएलएन को जिले के लिए पानी की जीवन रेखा माना जाता है। लेकिन वर्षों से इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए खर्च कर दिया, लेकिन आपूर्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। साथ ही सीसी बेस पर अधिकांश नहरें बना दीं, जिनके कारण भूमि में पानी का रिसाव बंद हो गया है। बारिश के पानी को रिचार्ज के रूप में प्रयोग करने की परियोजनाएं बनें तथा हर नागरिक की जिम्मेदारी तय हो।
-सुधीर, महेंद्रगढ़।

पानी का संरक्षण करना केवल सरकार व विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आमजन इसमें सहयोग के लिए आगे आए। यह भविष्य की बड़ी चिंता है। पिछले तीन दशक में लगातार घटते भूजल स्तर से पेयजल आपूर्ति के लिए नहरी पानी पर निर्भरता बढ़ गई है। पानी की एक-एक बूंद का सदुपयोग करें।
-संदीप, मोहल्ला सैनीपुरा महेंद्रगढ़।

युवा वर्ग इस गंभीर चिंता को ध्यान में रखते हुए बारिश के पानी को रिचार्ज के रूप में प्रयोग करने के लिए आगे आए। हर सार्वजनिक भवन से लेकर प्रत्येक घर में बारिश के पानी को सहेजने की व्यवस्था होनी चाहिए। नहरों में पानी की मात्रा सीमित मिलती है लेकिन प्राकृतिक रूप से मिलने वाला बारिश का पानी असीमित होता है। रिचार्ज के लिए इसका भरपूर उपयोग हो सकता है।
-कुलदीप सिंह, गांव अगिहार
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हर वर्ष को जोड़कर बड़े स्तर पर आगामी दस वर्षों तक भूजल रिचार्ज के लिए अभियान चलाया जाए। इस अभियान की निगरानी स्वयं जिला प्रशासन के अधिकारी रखें। नहरी पानी की उपलब्धता के हिसाब से समान वितरण हो तथा रिचार्ज की परियोजनाओं पर अधिक ध्यान दिया जाए।
-महेश यादव, रामविहार काॅलोनी
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प्रदेश सरकार जिले में नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। बारिश के मौसम में ही नहरों में अतिरिक्त पानी मिलता है जबकि वर्ष के नौ माह में महज 15-15 दिन की पानी छोड़ा जाता है। जिले को लंबे समय से इसके हक का पानी ही नहीं मिल पाया है। यहां के जिम्मेदार प्रतिनिधियों ने भी कभी इस ओर अधिक ध्यान नहीं दिया जिससे गंभीर हालात हुए हैं।
-प्रवीन, तुलाराम चौक, महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:76- सुधीर--संवाद

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