फोटो 12 ज्ञापन सौंपते संघ के पदाधिकारी व कर्मचारी। स्वय
नारनौल। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन की जिला इकाई ने बुधवार को लघु सचिवालय में तीन घंटे तक धरना दिया। राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने कहा कि 1982 में आज के दिन सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।
देश में पेंशनभोगी दिवस दिवंगत डीएस नकारा को कृतज्ञतापूर्वक याद करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पेंशन न तो कोई दान है, न ही नियोक्ता की इच्छा पर निर्भर कोई अनुग्रह है और न ही कोई अनुग्रह राशि है। यह अतीत में दी गई सेवाओं के लिए भुगतान है। यह एक सामाजिक कल्याणकारी उपाय है जो उन लोगों को सामाजिक-आर्थिक न्याय प्रदान करता है जिन्होंने अपने जीवन के स्वर्णिम काल में नियोक्ता के लिए अथक परिश्रम किया।
उपरोक्त महत्वपूर्ण निर्णय के पांच दशकों बाद भी, केंद्र सरकार पेंशनर्स को आठवीं वेतन आयोग के लाभों से वंचित कर रही है। पेंशन को समाप्त करने की योजना बना रही है। इस दौरान सेवानिवृत सभी कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए उपमंडल अधिकारी अनिरुद्ध यादव को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर होशियार सिंह लांबा, छोटेलाल, ओमप्रकाश, सतपाल शर्मा, राजाराम, किशोरीलाल, ताराचंद सैनी व राम सिंह सहित सैकड़ों सेवानिवृत कर्मचारी उपस्थित थे।