शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 के लिए आमजन की प्रतिक्रिया लेने का कार्य 25 फरवरी से शुरू कर दिया गया है। शहरवासी 15 अप्रैल तक शहर की साफ-सफाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया स्वच्छता एप, माईजीओवी एप, क्यूआर कोड के माध्यम से दे सकते हैं। यह प्रतिक्रिया शहर की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने में काफी सहायक होगी। क्योंकि इस प्रतिक्रिया के लिए 2250 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए कुल 7500 अंक निर्धारित है। जबकि गत वर्ष 6000 अंक थे। गत वर्ष के सर्वेक्षण में नगर परिषद नारनौल को 6000 अंक में से 1375 अंक मिले थे। वहीं शहरवासियों की प्रतिक्रिया के लिए निर्धारित 1800 में से मात्र 813.74 अंक मिले थे। इस बार अलग-अलग फीडबैक के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार यह प्रतिक्रियाएं ही शहर की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने में काफी सहायक होंगी। इसलिए नगर परिषद अधिकारियों ने शहरवासियों से साफ-सफाई सहित अन्य बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देने की अपील की है, ताकि शहर की स्वच्छता रैंकिंग मे सुधार किया जा सके।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा हर वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया जाता है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य शहर की साफ-सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाना होता है। इस बार बेहतर रैंकिंग के लिए नगर परिषद नारनौल द्वारा विशेष तैयारी की जा रही है। नगर परिषद घर-घर कूड़ा उठान, नियमित सफाई, दिन ही नहीं रात में सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, चौराहों पर लगी प्रतिमाओं की सफाई आदि पर विशेष जोर दे रही है। क्योंकि स्वच्छता सर्वेक्षण टीम शहर में कभी भी पहुंच सकती है।
इस बार 7500 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
इस वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण 7500 अंकों का होगा। तीन अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें नागरिक आवाज के लिए 2250 अंक, सेवा स्तर प्रगति के लिए 3000 अंक तथा प्रमाणीकरण के 2250 अंक निर्धारित किए गए हैं। उक्त सभी व्यवस्थाओं में विभिन्न गतिविधियों को शामिल कर उनके अंक निर्धारित किए गए हैं।
नागरिक आवाज
नागरिक आवाज के तहत ही लोगों की प्रतिक्रिया ली जानी है। इसमें भी छह बिंदु रखे गए हैं। जिनमें नागरिक प्रतिक्रिया के 600 अंक, नागरिक जुड़ाव के 550 अंक, नागरिक अनुभव के 350 अंक, स्वच्छता एप के 400 अंक, आपदा महामारी प्रतिक्रिया तैयारी के 200 अंक तथा नवाचार एवं सर्वोत्तम अभ्यास के 150 अंक रखे गए हैं।
सेवा स्तर प्रगति
सेवा स्तर प्रगति के लिए 3000 अंक तय किए गए हैं। इसमें स्वच्छता सर्वेक्षण टीम डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था की जांच करेगी। इसमें देखा जाएगा कि नगर परिषद ने डिजिटल ट्रैकिंग लागू किया है या नहीं। सर्वेक्षण में सफाई संबंधी व्यवस्था, स्वच्छता एप और सफाई मित्र सुरक्षा को भी जोड़ा गया है, इसके अलावा कूड़ा उठान, कूड़े का अलग-अलग निस्तारण, सिंगल यूज प्लास्टिक बैन आदि की पड़ताल होगी।
प्रमाणीकरण
स्वच्छता सर्वेक्षण प्रमाणीकरण के लिए 2250 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें ओडीएफ व प्रमाणीकरण को देखा जाएगा। इसके तहत स्टार रेटिंग, ओडीएफ प्लस प्लस व वाटर प्लस प्लस को शामिल किया है। स्टार रेटिंग के 1250 अंक और ओडीएफ प्लस प्लस व वाटर प्लस प्लस के 1000 अंक रहेंगे।
वर्ष 2018 से अब तक की रैंकिंग
स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में नारनौल को 94वीं रैंक तो 2019 में नार्थ जोन में 583वीं रैंक मिली थी। इसी प्रकार 2020 में नार्थ जोन के 98 शहरों में नारनौल को 83वीं रैंक, जबकि 2021 में उत्तर के शहरों में 58वीं रैंक मिली थी।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के लिए नगर परिषद पूरी तरह से तैयार है। साफ-सफाई, कूड़ा उठान, सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं पर कार्य किया गया है। मगर इसके लिए शहरवासियों को सहयोग करना होगा। तभी हमें बेहतर रैंक मिल सकेगी। दीपक दूबे, सिटी टीम नेता, स्वच्छ भारत मिशन नारनौल।