जिला जेल नसीबपुर में एक बंदी ने वीरवार की रात करीब सवा दो बजे फांसी लगाकर जान दे दी। सिटी थाना पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में डॉक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। बंदी के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें चाचा व गांव के अन्य लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर परिजनों की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने सात पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार गोद गांव निवासी सुरेंद्र (40) का पिछले साल अक्तूबर में अपने चाचा के साथ विवाद हुआ था। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने सुरेंद्र, उसकी पत्नी व दो बच्चों पर मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। उपचार के दौरान नौ दिन बाद घायल चाचा राजेंद्र की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने पहले से दर्ज मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ दी थी। बाद में सदर थाना पुलिस ने सुरेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वह करीब तीन माह से जेल में बंद था। पुलिस के अनुसार रात करीब दो बजे सुरेंद्र शौचालय गया था। कुछ देर बाद नहीं लौटा तो जेल वार्डन उसे देखने गया तो आरोपी शौचालय की खिड़की से नीले रंग की रस्सी से फांसी लगा रखी थी। इसकी सूचना अन्य स्टाफ को दी। सूचना मिलते ही जेल एसपी देवी दयाल समेत अन्य मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। एसपी ने बताया कि कपड़े से रस्सी बनाकर सुरेंद्र ने फांसी लगाई थी। बाद में डीएसपी मित्रपाल व सिटी थाना प्रभारी संतोष समेत अन्य जेल पहुंचे।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पोस्टमार्टम का वीडियो रिकार्डिंग कराई
परिजनों के आने के बाद पुलिस ने दोपहर बाद करीब एक बजे शव का पोस्टमार्टम कराया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेएमआईसी अनिल कुमार के देखरेख डॉ. हर्ष चौहान, डॉ. कंवर सिंह व डॉ. योगेश की टीम ने शव पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई। इस मामले की न्यायिक जांच भी होगी। सुरेंद्र के साथ से सुसाइड नोट मिला है। सुरेंद्र ने अपने पहचान पत्र के पीछे चाचा समेत अन्य से परेशान होने की बात कहीं है। हालांकि पुलिस का कहना है कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के पास सुसाइड नोट है।
सात बीघा जमीन लेने के बाद भी नहीं किया समझौता, सात पर केस दर्ज
पिता लालाराम ने सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका भाई राजेंद्र शराब पीने का आदी था। 14 अक्तूबर 2019 को शराब के नशे में राजेंद्र सुरेंद्र व उसके परिवार को गाली दे रहा था। लालाराम का आरोप हैं कि शराब के नशे में राजेंद्र छत से गिर गया था और बाद में मौत हो गई। इसमें सुरेंद्र, उसकी पत्नी व दोनों बेटों की कोई भूमिका नहीं थी। आरोपियों ने साजिश व जमीन के लालच में आकर सुरेंद्र समेत अन्य को फंसाया। सुरेंद्र अपने बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए भतीजे सुनील पुत्र राजेंद्र व अजय पुत्र दयानंद के नाम कुल सात बीघा जमीन रजिस्ट्री करवा दी थी। इसके बाद जब दोनों से कहा कि सुरेंद्र की पत्नी मंजू व उसके बेटों के मामले में बयान दे दो कि सभी निर्दोष हैं। उनका इस झगड़े से लेना देना नहीं था। इसके बाद भी कोर्ट में बयान देने नहीं आए।
बच्चों को फांसी की सजा दिलाने की धमकी देते थे
पिता का कहना है कि गांव के लोगों व अन्य के कहने पर सात बीघा दोनों को दे दिया था। इसके बाद भी आरोपी घर पर आकर झगड़ा करते थे। आरोपी कहते थे कि दोनों बच्चों को फांसी की सजा दिलाएंगे। इससे सुरेंद्र मानसिक तनाव में रहने लगा था। गांव वालों के अनुसार पत्नी व बच्चों का हाईकोर्ट से जमानत रद्द होने से भी सुरेंद्र परेशान चल रहा। पिता का आरोप है कि दयानंद व उसका बेटा श्याम सुंदर व अजय, सुनील, सुभाष व उसका बेटा अनिल व मुन्नी ने सुरेंद्र को परेशान किया। जिससे सुरेंद्र को फांसी लगानी पड़ी। गांव के ओम प्रकाश ने बताया कि सात बीघा जमीन की कीमत करीब 35-40 लाख रुपये है। लालराम के दो बेटे थे। इसमें एक राजस्थान में दूसरा सुरेंद्र गोद गांव रहता था। सुरेंद्र का एक बेटा है जो कक्षा चार में पढ़ता है।
क्या है पूरा मामला -
गोद गांव निवासी लाली देवी पत्नी दयानंद ने सदर थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि 14 अक्तूबर 2019 को चमेली, राजेंद्र व छोटा समेत अन्य घर पर थे। शाम करीब साढ़े सात बजे पड़ोसी सुरेंद्र व उसकी पत्नी मंजू देवी के साथ धनराज व कुणाल उसके घर पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। राजेंद्र ने पत्थर फेंकने से मना किया तो मंजू ने ईंट उठाकर राजेंद्र को मार दिया। कुछ देर में सुरेंद्र घर से तलवार लेकर आया और राजेंद्र की नाक पर मारने का प्रयास किया। सुरेंद्र से बचने के लिए राजेंद्र छत पर चला गया था। पीछे से सुरेंद्र भी छत पर चला गया था। आरोप हैं कि सुरेंद्र ने राजेंद्र को छत से नीचे गिरा दिया था। जिससे राजेंद्र के काफी चोट लगी थी। करीब नौ दिन बाद उपचार के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई थी। शिकायत पर 22 अक्तूबर को सदर थाना पुलिस ने सुरेंद्र, उसकी पत्नी मंजू व दो अन्य के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी देने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
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शव का डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पिता की शिकायत पर मृतक के चाचा, भतीजे समेत सात लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। बंदी के पास से भी सुसाइड नोट मिला है।
मित्रपाल, डीएसपी, सिटी