फोटो संख्या:59- नगर पालिका द्वारा हायर एजेंसी की ओर पकड़े गए बंदर--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर में बंदरों से राहत दिलाने के लिए नगर पालिका ने एक बार फिर विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पहले ही दिन 45 बंदरों को पकड़ा गया। पकड़े गए बंदरों को यमुनानगर के कलेसर पार्क में छोड़ा जाएगा। नगर पालिका ने 6.50 लाख रुपये की लागत से एक एजेंसी को तीन माह में 350 बंदर पकड़ने का जिम्मा सौंपा है।
शहर में बंदरों के झुंड लगातार रिहायशी इलाकों में घूम रहे हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में डर का माहौल है। कई जगह बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं, जबकि दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई मोहल्लों में महिलाएं बंदरों के डर से छतों पर जाना तक छोड़ चुकी हैं।
नगर पालिका ने लोगों की शिकायतों के बाद जनवरी में टेंडर जारी किया था। फरवरी में एजेंसी ने 70 बंदर पकड़े, लेकिन बाद में काम अधूरा छोड़ दिया। गोसेवा आयोग के निर्देशों के कारण भी अभियान कुछ समय के लिए रुक गया था। अब दोबारा अभियान शुरू होने से शहरवासियों को बंदरों के आतंक से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। एजेंसी को प्रत्येक बंदर पकड़ने पर 1,800 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
एक माह में 17 से अधिक लोग घायल
एक महीने में 17 से अधिक लोगों को बंदर काटने के मामले अस्पताल में दर्ज हुए हैं। मोहल्ला बिढ़ाट निवासी सुशील को बंदर काटने के बाद बालाजी चौक पर जाम भी लगाया गया था। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इसके अलावा मोहल्ला नत्थुवाला निवासी प्रताप शास्त्री, निमड़ी नीचे मोहल्ला निवासी सोमा, ध्रुव और दीवान कॉलोनी निवासी बबली तंवर भी बंदरों के हमले का शिकार हो चुके हैं।
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वर्जन:
बंदर पकड़ने का अभियान एक बार फिर से शुरू कर दिया है। एजेंसी अब शहर को बंदरमुक्त करेगी और पहले चरण में 3 माह में 350 बंदर पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन 45 बंदर पकड़े गए। -रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका, महेंद्रगढ़।