फोटो नंबर- 10 शौचालय की दीवार पर लिखा स्वच्छ भारत का स्लोगन और दीवार के पास फैली गंदगी। संवाद
नारनौल। बस स्टैंड परिसर में शौचालय के दूषित पानी की निकासी के उचित प्रबंध नहीं है। इस कारण दूषित पानी शौचालय के आस-पास जमा और वातावरण दुर्गंधमय रहता है। इससे संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
जानकारी के अनुसार बस स्टैंड परिसर में महिला व पुरुष शौचालय बने हुए हैं। शौचालय के दूषित पानी की निकासी के लिए पाइप को मुख्य सीवरेज लाइन से जोड़ा गया है लेकिन उचित ढाल नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती।
इस कारण महीने में दो से तीन बार शौचालय को बंद भी करना पड़ता है। महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जहां लिखा स्वच्छ भारत का स्लोगन वहीं फैली सबसे ज्यादा गंदगी
बस स्टैंड परिसर में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए दीवारों पर स्लोगन लिखे हुए हैं। शौचालय की दीवार पर बाहर की तरफ स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत का स्लोगन लिखा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि सबसे ज्यादा गंदगी भी उसी दीवार के पास फैली हुई है।
40 साल पहले हुआ था भवन का निर्माण
बस स्टैंड के भवन का निर्माण 40 साल पहले हुआ था। इस समय भवन जर्जर हाल में है और बारिश के समय भवन की छत भी टपकती है। वहीं सड़क लेवल से बस स्टैंड अत्यधिक नीचा होने के चलते उचित ढाल नहीं बन पाता और दूषित पानी शौचालय व परिसर में ही जमा रहता है।
वर्जन :
दूषित पानी की निकासी के लिए सीवर चैंबर में पनडूब्बी मोटर भी डाली गई है। वहीं नियमित अंतराल पर मशीन द्वारा चैंबर की सफाई भी करवाई जाती है। वहीं भवन के मरम्मत कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
-देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो।