नारनौल। शुक्रवार को कायाकल्प योजना के तहत निरीक्षण टीम ने नागरिक अस्पताल की स्वच्छता पर गंभीरता से सवाल उठाए। गुरुग्राम से पहुंची टीम ने अस्पताल परिसर का गहन निरीक्षण किया और अलग-अलग विभागों में जाकर व्यवस्थाओं की जांच की। इसकी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
टी टीम को गायनी विभाग के पीछे डाला गया खराब व अनुपयोगी सामान दिखाया गया, वहीं नालियों के पास फैली गंदगी पर भी नाराजगी जताई गई। इसके अलावा गायनी विभाग के पास बने शौचालयों की सफाई व्यवस्था को भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
टीम सदस्यों ने बताया कि शौचालयों से बदबू के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है जिसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को उचित और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जब मीडिया कर्मियों ने टीम सदस्यों से जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी देने और फोटो खींचने से साफ इंकार कर दिया।
इसके बाद नागरिक अस्पताल के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने निरीक्षण को रूटीन प्रक्रिया बताते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग की नियमित जांच का हिस्सा है और फिलहाल इस संबंध में अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
जानकारी के अनुसार कायाकल्प योजना के तहत पड़ोसी जिलों से गठित टीमें अस्पतालों का निरीक्षण करती हैं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों की देखभाल, रिकॉर्ड संधारण, दवाओं की उपलब्धता, स्टाफ नर्सों व कर्मचारियों के व्यवहार सहित कई बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जाता है।
इसके आधार पर अस्पताल को प्रतिशत अंकों में ग्रेड दिया जाता है। योजना के अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों को डीजी हेल्थ की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। साथ ही मरीजों की सुविधाओं और खर्चों के लिए प्रोत्साहन राशि भी सम्मान स्वरूप दी जाती है।