महेंद्रगढ़। त्योहारी सीजन में यूपीआई भुगतान पर 0.4 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिवाली तक टलने की खबर से व्यापारियों में राहत है। दिवाली के दौरान बाजार में खरीदारी बढ़ जाती है और ज्यादातर ग्राहक यूपीआई से भुगतान करते हैं।
ऐसे में शुल्क लगता तो व्यापारियों की लागत बढ़ सकती थी। सरकार से मिली इस राहत के बाद व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहारों में डिजिटल भुगतान पहले की तरह आसानी से चलता रहेगा।
व्यापारियों का कहना है कि अब छोटे दुकानदार से लेकर बड़े प्रतिष्ठान तक यूपीआई का चलन तेजी से बढ़ा है। ग्राहक नकदी रखने के बजाय मोबाइल से भुगतान करना पसंद करते हैं। किराना, कपड़ा, फुटवियर और अन्य दुकानों पर भी डिजिटल लेनदेन आम हो गया है। दिवाली से पहले बाजार में भीड़ बढ़ने से यूपीआई की भूमिका और अहम हो जाती है।
महेंद्रगढ़ में करीब 20 से 30 हजार दुकानें, शोरूम और रेहड़ी चालक यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। व्यापारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने दिवाली तक राहत देकर उन्हें बड़ा तोहफा दिया है।
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आजकल ग्राहक छोटी से छोटी खरीदारी का भुगतान भी यूपीआई से करते हैं। अगर डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगता, तो इसका सीधा असर व्यापारियों के खर्च पर पड़ता। त्योहारी सीजन में दुकानदारों को पहले ही माल खरीदने, स्टॉक रखने और दूसरे खर्चों का इंतजाम करना पड़ता है। ऐसे समय में राहत मिलना व्यापारियों के लिए अच्छा कदम है।
-नरेंद्र अग्रवाल, व्यापारी
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दिवाली व्यापारियों के लिए साल के सबसे जरूरी सीजन में से एक है। इस दौरान बिक्री के साथ डिजिटल लेनदेन भी बढ़ जाता है। सरकार ने शुल्क का फैसला टालकर व्यापारियों को राहत दी है। अब दुकानदार अतिरिक्त खर्च की चिंता किए बिना ग्राहकों को भुगतान की सुविधा दे सकेंगे।
-राजेंद्र सैनी बजाज, व्यापारी