नारनौल। शहर की डोर-टू-डोर कचरा उठान की योजना मुख्यमंत्री की ओर से मंजूरी मिल गई है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। लगभग एक वर्ष से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का टेंडर बीच में छाड़े जाने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
वर्तमान में पुराने ठेकेदार से ही कार्य कराया जा रहा है क्योंकि नए टेंडर की रेट अप्रूवल सरकार से प्राप्त नहीं हो पाई थी। अब डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य निर्बाध रूप से 5 वर्षों के लिए लगभग 12.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
नगर परिषद द्वारा टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई थी,लेकिन 10 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट होने के कारण इसे मुख्यमंत्री स्तर से स्वीकृति मिलना आवश्यक था। इस प्रक्रिया में सभी तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की गहन जांच की जाती है जिस कारण स्वीकृति में समय लगा।
पहले सफाई से जुड़े टेंडर अपेक्षाकृत छोटे होते थे जिन्हें अधिकारी अपने स्तर पर ही जारी कर देते थे। यही कारण है कि पूर्व में इतना समय नहीं लगता था। शहर में वर्तमान में 31 वार्ड हैं जहां डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहन भेजे जा रहे हैं परंतु ठेके की राशि कम होने के कारण वाहन पर्याप्त नहीं होते थे।
नए 12.50 करोड़ रुपये के टेंडर से पर्याप्त वाहन उपलब्ध होंगे जिससे पूरे शहर को कवर किया जाएगा और सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है।
वर्जन:
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के टेंडर को मंजूरी मिल गई है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य 12.50 करोड़ से पांच साल के लिए होगा। अब प्रयास यही रहेगा कि नए साल से यह कार्य शुरू करा दिया जाए।-सोहन सिंह, एमई नगर परिषद, नारनौल