नारनौल। पचेरी बड़ी के एक निजी विश्वविद्यालय में शनिवार को हरियाणा और राजस्थान के प्रधानाचार्यों का सम्मेलन हुआ। जिसमें जिला महेंद्रगढ़ में 30 से अधिक प्राचार्य और शिक्षाविद सम्मानित हुए।
सम्मेलन में नई शिक्षा प्रणाली, डिजिटल नवाचार और तकनीक के प्रभाव पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अतुल निश्चल ने विन सेंट्रिक शिक्षा मॉडल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विन मॉडल छात्रों में विवेक, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, रचनात्मकता और नैतिक निर्णय क्षमता को विकसित करता है। जिससे वे 21वीं सदी की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
एआई शिक्षा को व्यक्तिगत, डेटा-आधारित और समस्या समाधान केंद्रित बनाती है। मुख्य अतिथि डॉ. दिलीप मोदी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में वेद पाल, मुख्य खंड अधिकारी बुहाना तथा नीलिमा यादव मुख्य खंड अधिकारी सिंघाना उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मनोज कुमार ने की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता तिवारी एवं राष्ट्रीय युवा आइकॉन पुरस्कार से सम्मानित विजय हिंद जामलपुरिया द्वारा किया गया। अंत में सभी आमंत्रित अतिथियों को स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व खंड शिक्षा भूप सिंह रंगा, प्राचार्या सीमा यादव अकबरपुर, प्राचार्या सुनीता देवी, डॉ. संजय शर्मा अध्यक्ष प्रगतिशील शिक्षक ट्रस्ट, डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज, प्राचार्य शीला कुमारी, डॉ. सुमनलता प्राचार्या, सुरेश कुमार प्राचार्य कावीं, डॉ. पंकज गौड़, कविंद्र सचदेवा, अशोक कुमार, विजय शर्मा चेयरमैन टैगोर स्कूल, ब्रह्म प्रकाश प्राचार्य, अनीता देवी प्राचार्य, शमशेर सिंह प्राचार्य, सुनीता रानी प्राचार्य और अनेक अन्य प्राचार्य एवं स्कूल लीडर्स को विश्वविद्यालय की तरफ से सम्मानित किया गया।