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Mahendragarh-Narnaul News: मांग की तुलना में जिले को 68 फीसदी डीएपी मिला कम

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फोटो नंबर- 17नारनौल ​​स्थित खाद केंद्र। संवाद
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नारनौल। जिले में किसानों को सरसों व गेहूं की बिजाई के समय डीएपी खाद प्राप्त करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसका मुख्य कारण मांग का केवल 32 फीसदी हिस्सा डीएपी का जिले को मिला। डीएपी को लेकर सभी केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइन देखने को मिली।
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जानकारी के अनुसार रबी फसल के दौरान जिले में करीब 21200 मीट्रिक टन डीएपी की मांग रहती है लेकिन जिले को केवल 5463 मीट्रिक टन डीएपी मिला। वहीं 1483 मीट्रिक टन डीएपी पहले से स्टॉक था। गौरतलब है कि खाद की किल्ल्त के चलते सरसों व गेंहू की बिजाई से पहले किसान डीएपी प्राप्त करने के लिए सुबह 5 बजे से ही केंद्र के बाहर एकत्रित होना शुरू हो जाते थे।
जिले में अधिकतर किसानों ने सरसों की फसल उगाई हुई है। जानकारी के अनुसार जिले भर में करीब 3 लाख 54 हजार 900 एकड़ क्षेत्र में रबी की फसल उगाई गई हैं। इसमें से 2 लाख 72 हजार एकड़ क्षेत्र में सरसों, 70 हजार एकड़ क्षेत्र में गेहूं, 8 हजार एकड़ क्षेत्र में चना, 400 एकड क्षेत्र में जौ और 4500 एकड़ क्षेत्र में अन्य मौसमी फसलें उगाई गई है।
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बेहतर पैदावार के लिए बिजाई से पहले डीएपी और सिंचाई के समय यूरिया की मांग रहती है। जानकारी के अनुसार रबी फसल के दौरान जिले भर में करीब 31850 मीट्रिक टन यूरिया, 21200 मीट्रिक टन डीएपी की मांग रहती है।

किस माह में जिले को मिला कितना खाद

खाद (मीट्रिक टन में ) अक्तूबर नवंबर दिसंबर
यूरिया 7047 8791 10216
डीएपी 4761 682 00
एमओपी 41 75 00
एनपीकेएस 425 157 00
एसएसपी 42 00 00

वर्जन :
जिले में रबी सीजन के दौरान अब तक 28745 मीट्रिक टन यूरिया और 5756 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया गया है। आवश्यकता अनुसार सभी खाद केंद्रों पर खाद की खेप पहुंचाई जा रही है।
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संजय यादव, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक,कृषि विभाग, नारनौल।
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