महेश कुमार के मेडिकल कागज देखते सीएमओ डॉ. अशोक कुमार। संवाद
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गांव मेघोत बिंजा में सांस लेने की तकलीफ से परेशान महेश की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को उपायुक्त श्याम लाल पूनिया से मुलाकात की। युवक की परेशानी को देखते हुए डीसी ने तुरंत इलाज व जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की। सीएमओ ने एंबुलेंस भेजकर मरीज को नागरिक अस्पताल नारनौल में ले जाने की व्यवस्था की। महेश को इमरजेंसी वार्ड में दाखिल कर लिया गया। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो मरीज को सरकारी एंबुलेंस की मदद से रोहतक भेजा जाएगा।
इसी दौरान उपायुक्त ने जिला रेडक्रॉस समिति के सचिव श्यामसुंदर को निर्देश दिया कि युवक को जरूरत के अनुसार दवाइयां तथा एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिया जाए। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिलने के बाद उसे ऑक्सीजन सिलेंडर लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला रेडक्रॉस समिति के सचिव ने नागरिक अस्पताल पहुंचकर मरीज को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिया। महेश कुमार ने इस सहायता के लिए जिला प्रशासन का आभार प्रकट किया।
उपायुक्त ने ग्रामीणों से कहा कि मरीज को यहां लाने के बजाय पहले उनसे मिलना चाहिए था। वे खुद मरीज के घर चले आते। इस तरह से मरीज को अनावश्यक रूप से नहीं लाना चाहिए। उपायुक्त ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह सरकार की ओर से जो भी योजना होगी उसका इस मरीज को लाभ दिलाने का प्रयास करेंगे। बाक्स:
एक वर्ष से ऑक्सीजन पर है मरीज
बता दें कि क्रशर जोन से उड़ने वाली धूल से महेश को सिलिकोसिस बीमारी हो गई है। 32 वर्षीय महेश की जिंदगी एक वर्ष से अधिक समय से ऑक्सीजन के सहारे चल रही है। एक वर्ष के दौरान वह इलाज के लिए काफी पैसा उधार ले चुका है। अब उसके पास दवा के लिए भी पैसा नहीं था। इस वजह से ग्रामीणों के सहयोग से उसने उपायुक्त से मुलाकात की।
दो साल से जयपुर से चल रहा था इलाज
महेश ने बताया कि दो वर्ष पहले उसे बुखार रहने लगा। जिसकी वजह से शरीर कमजोर होता जा रहा था। ऐसे में जब उसने नारनौल अस्पताल में दिखाया तो चिकित्सकों ने बताया कि उसे टीबी है। इसके बाद वह जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज करवाने के लिए गया तो चिकित्सकों ने बताया कि उसको सिलिकोसिस बीमारी है। तभी से उसका इलाज चल रहा है। इलाज पर हर माह तीन हजार रुपये खर्च होते हैं, जबकि इतनी दूर बस में वह नहीं चल सकता था। दवा लेने के लिए गाड़ी ले जानी पड़ती थी। अब उसके पास गाड़ी तो दूर दवाइयां के भी पैसे नहीं बचे हैं।
महेश को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सौंपते सीएमओ डॉ. महेश कुमार और रेडक्रॉस के सचिव श्याम सुंदर। संवाद- फोटो : Narnol