फोटो नंबर- 12बस स्टैंड प्रवेश द्वार के पास बने कक्ष की छत का टूटा हुआ प्लास्टर और दीवारों में
नारनौल। 42 साल पहले बने बस स्टैंड व वर्कशॉप भवन की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। इसके बाद एस्टीमेट उच्च विभाग को भेजा जाएगा। फिलहाल बस स्टैंड परिसर व वर्कशॉप का भवन अभी जर्जर हाल में हैं। छत व दीवारों का प्लास्टर उखड़ा हुआ है और सीलन आ रही है। वहीं बारिश के दौरान तो छत से पानी तक टपकता है।
वहीं दूषित पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण कई बार शौचालय भी बंद करने पड़ते हैं। इस कारण यात्रियों विशेष तौर पर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नारनौल बस स्टैंड के ग्रामीण रूट के लिए बूथ पर टीन शेड लगाने के लिए करीब 36 लाख रुपये का एस्टीमेट उच्च विभाग को भेजा गया है। वहीं महेंद्रगढ़ बस स्टैंड के प्रवेश मार्ग की मरम्मत के लिए करीब 12 लाख रुपये का बजट हाल ही में पास हुआ है।
बस स्टैंड व वर्कशाॅप भवन को बने हुए करीब 42 साल बीत चुके हैं। बस स्टैंड का शिलान्यास 22 दिसंबर 1974 को किया गया था। इसके करीब 9 साल बाद बस स्टैंड भवन बनकर तैयार हुआ था। 4 जून 1983 को तत्कालीन परिवहन मंत्री कर्नल राव राम सिंह द्वारा बस स्टैंड का उद्घाटन किया गया था।
वर्जन :
बस स्टैंड की मरम्मत कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण रूट के बूथ पर टीन शेड लगाने के एस्टीमेट उच्च विभाग को भेजा हुआ है। -देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो