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बोतलों में बंद है 23 लोगों की मौत का राज, विसरा रिपोर्ट आने पर होगा खुलासा

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इस वर्ष 67 लोगों की मौत का राज जानने के लिए विसरा रिपोर्ट भेजी गई थी। इसमें 23 की रिपोर्ट आने का अभी भी इंतजार है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा कि इन लोगों की मौत का कारण क्या था। इस रिपोर्ट के अनुसार ही पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
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महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में हर महीने औसतन 8 से 10 पोस्टमार्टम होते हैं। इनमें संदिग्ध हालात मौत व हत्या के मामलों में पुुलिस शव का विसरा जांच के लिए भेजती है। हरियाणा में विसरा रिपोर्ट जांचने के लिए मधुबन में ही लैब है। रोहतक पीजीआई में केमिकल जांच व हिस्ट्रो पैथोलॉजी जांच होती है। इसमें पता लगता है कि मौत के समय शरीर में किस तरह के बदलाव आए थे। इसमें यह भी पता लगता है कि मौत के कारण शरीर में जहर, शराब व ड्रग्स का असर कितना था। पिछले पांच साल में महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में 1146 शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसमें 371 शवों की जांच के लिए विसरा रिपोर्ट भेजी गई। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार 332 केस की रिपोर्ट मिल चुकी है। पिछले पांच साल के 39 विसरा रिपोर्ट की जांच आने का इंतजार है। बता दें कि अब विसरा रिपोर्ट अस्पताल में चिकित्सकों के पास नहीं भेजी जाती। विसरा रिपोर्ट सीलंबद लिफाफे में सीधे थाने में ही भेजी जा रही है।
अब जांच अधिकारी के मोबाइल पर मैसेज
पिछले दो साल से ऑनलाइन सिस्टम को अपनाया जा रहा है। इसमें जांच अधिकारी का नंबर सैंपल के साथ भेजा जाता है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद जांच अधिकारी के पास मैसेज आ जाता है। इसके अलावा ईमेल के जरिए विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाती है। पुलिस साफ्टवेयर के माध्यम से भी रिपोर्ट की अपडेट ले रही है।
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पिछले पांच साल के आंकड़े
वर्ष - पोस्टमार्टम हुए- विसरा रिपोर्ट भेजी
2015- 204-78
2016-236-77
2017-238-68
2018-242-71
2019-226-67
विसरा में क्या भेजते हैं....
-लीवर का टुकड़ा
- किडनी
- स्पलीन ( तिल्ला)
-खाने की थैली
- छोटी आंत का टुकड़ा
विसरा रिपोर्ट कब महत्वपूर्ण
शराब से हुई मौत, जहर से हुई मौत या मौत के कारण स्पष्ट न होने पर विसरा जांच कराई जाती है। इसमें छोटी आंत, लीवर व पेट की थैली की जांच होती है। सामान्य तौर पर पुलिस तीन दिन में विसरा को जांच के लिए भेज देती है। विसरा जांच में मौत के कारणों का पूरा खुलासा हो जाता है।
मधुबन लैब भेज रहे सैंपल
महेंद्रगढ़ उप नागरिक अस्पताल में महेंद्रगढ़, कनीना तथा सतनाली थाना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के पोस्टमार्टम होते हैं। शव का विसरा लेकर उसे जांच के लिए मधुबन लैब भेजा जाता है। शव अधिक खराब हालात में होने पर उसे रोहतक पीजीआई भेजा जाता है।
हत्या, संदिग्ध हालात में मौत के मामलों में शव का विसरा जांच के लिए भेजा जाता है। पुुलिस दो से तीन दिन में रिपोर्ट भेज देती है। मधुबन तथा रोहतक पीजीआई रिपोर्ट भेजी जाती है। दो से तीन महीने में जांच रिपोर्ट आ जाती है। अब ऑनलाइन तरीके से रिकार्ड को दुरुस्त किया जा रहा है। हर महीने इस बारे में रिव्यू भी होता है।
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-यादराम, डीएसपी, महेंद्रगढ़।
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