महेंद्रगढ़। गांव बसई में वीरवार को ग्वार उत्पादन की उन्नत कृषि क्रिया विषय पर एक दिवसीय जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ व हिंदुस्तान गम एंड केमिकल्स भिवानी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 100 किसानों ने भाग लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. रमेश कुमार ने कहा की किसान उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाकर ग्वार फसल के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। हिंदुस्तान गम एंड केमिकल्स भिवानी से पहुंचे डॉ. आरके सैनी ने बताया की वैज्ञानिक जानकारी न होने के कारण अनेक किसान ग्वार फसल की पूरी पैदावार नहीं ले पाते व पुराने, रूढ़िवादी तरीके अपनाने के कारण हर साल नुकसान उठा रहे हैं। किसानों को जल संरक्षण, जैविक खादों तथा उन्नत किस्मों से ग्वार फसल की बिजाई की ओर विशेष ध्यान देना होगा। बीज उपचार जैसे सस्ते व कारगर तरीकों की जानकारी प्राप्त कर एक आदत के रूप में अपनाना होगा ताकि फसलों को बीज-जनित व भूमि-जनित रोगों व कीटों से बचाया जा सके।
डॉ. आरके सैनी ने किसानों से आग्रह किया कि वह ग्वार के उखेड़ा रोग की रोकथाम के लिए कार्बनडाजिम द्वारा बीज को उपचारित करके बोएं। शिविर में इस दवा के सैंपल भी किसानों में निशुल्क उपलब्ध कराए गए। केविके वैज्ञानिक डाॅ. जयलाल यादव ने किसानों को ग्वार फसल से मिलने वाले पोषक तत्वों, कीटों व नियंत्रण के बारे में अवगत कराया। उन्होंने किसानों को ग्वार की उन्नत किस्में जैसे एचजी- 365, एचजी- 563 व एचजी– 2-20 से बिजाई करने की सलाह दी। कार्यक्रम में ग्वार उत्पादन विषय पर प्रशनोत्तरी का आयोजन भी किया गया।