शिक्षा अधिनियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में इस बार दाखिला लेने में विद्यार्थी कम ही रुचि दिखा रहे है। अंतिम दिन बुधवार तक अब तक जिले में मात्र 1464 विद्यार्थियों ने ही दाखिले के लिए आवेदन किया है। जबकि जिले में 264 स्कूलों ने अपना पंजीकरण करवाया है। आवेदन कम आने का बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि इस बार विभाग ने 134ए के तहत आवेदन प्रक्रिया देर से शुरू की। ऐसे विद्यार्थी व उनके अभिभावक कोई रिस्क नहीं लेना चाहते है, क्योंकि पढ़ाई का आधा सत्र बीत चुका है। विद्यार्थियों के आवेदन कम आने के कारण विभाग ने आवेदन तिथि भी बढ़ा चुका है। मगर आवेदन की संख्या में इजाफा नहीं हो पाया।
बता दें कि गरीब बच्चों के शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा अधिनियम 134ए बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत निर्धारित मापदंडों में आने वाले विद्यार्थी अपने मनपसंद निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला ले सकते है। ऐसे बच्चों के लिए शिक्षा अधिनियम के तहत 10 प्रतिशत आरक्षित की गई है। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष शिक्षा अधिनियम 134ए के तहत दाखिले के लिए आवेदन मांगे जाते हैं, मगर इस बार विभाग ने आधा शिक्षा सत्र बीतने के बाद विद्यार्थियों के मांगने शुरू किए। इस कारण आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या गत वर्ष के मुकाबले काफी कम है। अंतिम तिथि यानी बुधवार तक 1464 विद्यार्थियों ने दाखिले के लिए आवेदन किया है।
ये रहेगा दाखिला का शेड्यूल
विभाग द्वारा 134ए के तहत जारी किए गए शेड्यूल अनुसार दाखिले के लिए आवेदन करने की तिथि बुधवार को समाप्त हो गई है। अब 5 दिसंबर को पात्र विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिसका परिणाम 10 दिसंबर को शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। इसके बाद 13 दिसंबर को पहला ड्रा निकाला जाएगा। इस ड्रा के अनुसार 15 से 24 दिसंबर तक दाखिले होंगे। सीटें रिक्त रहने की स्थिति में दूसरा ड्रा भी निकाला जा सकता है।
आवेदन तिथि बढ़ाने व बच्चों की समस्या समाधान हेतु शिक्षा विभाग को लिखा पत्र
कैलाश चंद एडवोकेट ने शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री व निदेशक सेकेंडरी, निदेशक मौलिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर आवेदनों की तिथि बढ़ाने की मांग की है।
शिक्षा विभाग को लिखे पत्र में कैलाश चंद ने कहा कि नियम 134 के तहत आवेदन हेतु आय प्रमाण पत्र या बीपीएल राशन कार्ड जरूरी दस्तावेज किया हुआ है। अक्तूबर माह में दीपावली के कारण नवंबर माह में राजकीय अवकाश होने के कारण कार्यालय बंद रहे हैं। जिस कारण से ज्यादातर लोग आय प्रमाण पत्र नहीं तैयार करवा पाए हैं। इसलिए काफी संख्या में जरूरत बच्चों के आवेदन नियम 134ए के करने से वंचित रह गए। जबकि ज्यादातर निजी स्कूलों ने नियम 134ए के पोर्टल पर रिक्त सीटों की संख्या को अपलोड नहीं किया है। जिस कारण ज्यादा संख्या में बच्चे अपने नजदीक के स्कूलों के लिए आवेदन नहीं कर सके और इस बारे में राज्य सरकार ने निजी स्कूलों पर कोई भी कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई है। इसलिए आवेदन प्रक्रिया को एक सप्ताह के लिए बढ़ाया जाए और जिन निजी स्कूलों में रिक्त सीटों की संख्या को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया उन स्कूलों पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाते हुए रिक्त सीटों की संख्या को अपलोड करवाया जाए।