फोटो नंबर 23-गांव सेका कब्जा हटाने के दौरान मौजूद पुलिस बल।
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नारनौल। गांव सेका में पंचायत की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए सोमवार को पहुंची पुलिस टीम पर कुछ ग्रामीणों ने पथराव किया और कीचड़ फेंका। पथराव में एक एएसआई और तीन महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई। इन्हें नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले में पुलिस ने ग्रामीणों पर मामला दर्ज किया है। पथराव करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
खंड विकास एवं पंचायती विभाग को गांव सेका में पंचायत की करीब 2.5 एकड़ जमीन पर कुछ ग्रामीणों ने अवैध रूप से पक्का अतिक्रमण कर लिया था। इसकी शिकायत पर कार्रवाई के लिए सोमवार को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नारनौल खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रमोद देशवाल की अगुवाई में सदर थाना पुलिस की मौजूदगी गांव में पहुंची। प्रशासन की टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की तो लोगों ने विरोध जताया। मगर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई रखी। इस पर ग्रामीणों ने कार्रवाई में जुटी टीम पर पत्थरों से हमला बोल दिया। इसमें 4 पुलिस कर्मी घायल हो गए। वहीं एक जेसीबी मशीन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पत्थरबाजी की घटना की सूचना पाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूर्ण की गई।
सूत्रों के अनुसार गत वर्ष भी पुलिस प्रशासन ने मिलकर उक्त पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटाए थे लेकिन ग्रामीणों ने अब दोबारा से उक्त पंचायती जमीन पर चारदीवारी व ईंट पत्थर आदि डालकर कब्जा कर लिया था। जिसकी शिकायत पंचायती विभाग को प्राप्त हुई। इस शिकायत पर सोमवार को बीडीपीओ प्रमोद देशवाल की अगुवाई में कब्जा हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
बीडीपीओ प्रमोद देशवाल की शिकायत पर पुलिस ने 8-10 नामजद सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीणों की ओर से पथराव में कुछ पुलिस कर्मचारी घायल हो गए हैं जिनका नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाकर उपचार करवाया जा रहा है।-मुनीश कुमार, प्रभारी सदर थाना नारनौल।