मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को नारनौल में नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में शामिल हार्डकोर अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री 'नशा मुक्त हरियाणा' और 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत आयोजित राज्य स्तरीय हाफ मैराथन के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यमुनानगर से शुरू हुआ यह अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। नारनौल में हजारों युवाओं की भागीदारी और उनके हाथों में तिरंगा इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश का युवा नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण का संकल्प ले रहा है।
सीएम सैनी ने समाज और परिवारों से भी अपील की कि यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ गया है तो उससे दूरी बनाने के बजाय उसे समझाकर पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास करें। सरकार ऐसे युवाओं के पुनर्वास में हरसंभव सहयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा खेल, शिक्षा, उद्योग और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में लगातार नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार बिना पर्ची और बिना खर्ची के पारदर्शी तरीके से युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित हरियाणा और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेगा।
यूथ मैराथन पर राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि 'से नो टू ड्रग्स' अभियान, हरियाणा को नशा-मुक्त बनाने की एक पहल है। युवाओं को जोड़ने के लिए यह एक बेहतरीन पहल है। मुझे खुशी है कि इस मैराथन में सबसे ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया और युवाओं में ज़बरदस्त जोश देखने को मिला।