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खास चॉकलेट: मधुमेह व मोटापे से पीड़ित भी कर सकते हैं सेवन, चावल, चना, गेहूं के चोकर से की तैयार

Fri, 11 Aug 2023 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो प्रदीप शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)

सार

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के शोधकर्ताओं ने चावल, चना, गेहूं के चोकर से तैयार की चॉकलेट का पेटेंट हासिल कर लिया है। यह चॉकलेट बच्चों के लिए सर्वाधिक उपयोगी है। जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगी।
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हकेंवि में पेटेंट प्रति के साथ कुलपति से मुलाकात करते प्रो. सुनिल कुमार व डॉ. सविता बुधवार।
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विस्तार
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हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं ने चावल, चना व गेहूं के वेस्ट (चोकर) से चॉकलेट तैयार की है। इस खास चॉकलेट का सेवन मधुमेह, मोटापा से पीड़ित व हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज भी कर सकते हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व विद्यमान है जिसका सेवन बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक कर सकते हैं। साथ ही इस चॉकलेट का पेटेंट भी मिल गया है। जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगी।

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इस परियोजना के लिए हकेंवि के भौतिकी एवं खगोल भौतिकी विभाग के प्रो. सुनील कुमार, पोषण जीवविज्ञान विभाग की डॉ. सविता बुधवार व शोधार्थी मनाली चक्रवर्ती ने मिलकर यह उत्पाद तैयार किया है। इस परियोजना से जुड़ी सहायक आचार्य डॉ. सविता ने बताया कि चने, गेहूं और चावल की चोकर को मिलाकर दूध बनाया।
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हकेंवि के संकाय सदस्यों व उनकी टीम द्वारा तैयार चॉकलेट। स्रोत विश्वविद्यालय
उसके बाद इसको चॉकलेट का रूप दिया गया है। मिठास के लिए इसमें गुड़ डाला गया है। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पोषण तत्वों की आवश्यकता होती है। इस चॉकलेट में फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस आदि प्रचुर मात्रा में प्राप्त होते हैं। इस तरह यह उत्पाद न केवल बच्चों बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। (संवाद)

मधुमेह रोगियों का ध्यान रखते हुए गुड़ मिलाया
डॉ. सविता ने बताया कि सामान्य चॉकलेट में शुगर या फिर आर्टीफिशियल स्वीटनर मिलाया जाता है। आर्टीफिशियल स्वीटनर में विटामिन नहीं होते और शुगर में शुक्रोज पाया जाता है। शुक्रोज ब्लड शुगर को बढ़ाता है। मधुमेह रोगियों काे ध्यान में रखते हुए चॉकलेट में गुड़ मिला गया है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इस चॉकलेट में कोई परिरक्षक रसायन पदार्थ नहीं मिलाया गया है। यह उचित तापमान पर रखे जाने पर एक महीने तक चल सकती है।
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चॉकलेट के सेवन से होने वाले नुकसान से बचाने में मददगार
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने संकाय सदस्यों व शोधार्थियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। कुलपति ने कहा कि यह खोज ऐसे उत्पाद के विकास में मददगार है, जोकि चॉकलेट के सेवन से होने वाले नुकसान से बचाने में मददगार होगी। यह उत्पाद अवश्य ही बच्चों के लिए सर्वाधिक उपयोगी होगा, क्योंकि इसको बनाने में ऐसे तत्वों का उपयोग किया गया है, जो पोषकता से भरपूर हैं।

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