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ट्रक की टक्कर से बाइक सवार बेटे की मौत, पिता गंभीर

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सडक हादसे के बाद मौके पर लगी लोगों की भीड़ - फोटो : Narnol
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नेशनल हाईवे 148 बी पर राव तुलाराम चौक के पास ट्रक की टक्कर से बाइक सवार आठ वर्षीय बेटे की मौत हो गई और पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब गांव रिवासा निवासी धर्मेंद्र एवं उसका बेटा जितेश महेंद्रगढ़ बाजार में बाइक पर सवार होकर कुछ काम के लिए आ रहे थे। तभी ट्रक ने बाइक को पीछे टक्कर मार दी। घायल को उप नागरिक अस्पताल भर्ती करवाया गया जहां उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। ट्रक चालक को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया। मौके पर करीब पौने घंटे जाम लगा रहा जिससे दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई।
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जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र नोएडा हीरो कंपनी में बतौर मैनेजर के पद पर कार्य करता है। उसका परिवार भी नोएडा रहता है। अभी सर्दी की छुट्टियों में वे अपने गांव आए थे। रविवार को दोपहर के समय धर्मेंद्र एवं जितेश किसी काम से बाइक से बाजार आ रहे थे। राव तुलाराम चौक के पास पीछे आ रहे ट्रक ने उसको टक्कर मार दी जिससे बाइक पर पीछे बैठा जितेश की ट्रक के टायरों के नीचे आने से मौके पर मौत हो गई जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उप नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। मौके पर खड़े लोगों ने गाड़ी पीछे लगाकर कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उसकी धुनाई की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया। ड्राइवर को गाड़ी में बैठाकर साथ ले गई।
मृतक इकलौता पुत्र था
मृतक जितेश अपने माता पिता के इकलौता पुत्र था। वह नोएडा में कक्षा प्रथम में पढ़ता था। सर्दी की छुट्टियां होने के कारण वह अपने दादा-दादी के पास घर आया हुआ था। मृतक की मां गृहणी है। उसका दादा शुभराम किसान है। धर्मेंद्र के एक छोटा भाई जितेंद्र है। जिसने हाल ही में नेट की परीक्षा पास की है।
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जाम में फंसे मंत्री के पास फरियाद लेकर पहुंचे लोग, नहीं सुनी
सड़क हादसा होने के बाद मृतक जितेश का शव मौके पर पड़ा रहा। हादसेेेे को देखकर काफी संख्या में वहां लोग जमा हो गए। हादसा गांव की सीमा से 200 मीटर दूरी पर होने से गांव के लोग भी वहां आ गए। दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई थी। इसी जाम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव फंस गए। मंत्री को देखकर ग्रामीण पहुंचे और मंत्री को बताया था कि आधे घंटे से पुलिस को फोन कर रहे हैं लेकिन कोई भी यहां नहीं आ रहा। ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री एक बार तो गाड़ी से नीचे उतरे लेकिन 20 मीटर दूरी पड़े शव को देखने तक नहीं पहुंचे न ही उनकी फरियाद सुनी। मंत्री गाड़ी में बैठकर गाड़ी बैक लेकर दूसरे रास्ते से निकल गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंत्री जनता की सेवा करने के लिए बनाए जाते हैं। लेकिन ऐसे मंत्री क्या काम के जो हादसे को देखकर गाड़ी मोड़कर दूसरे रास्ते से निकल जाते हैं।
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