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मेरी फसल मेरा ब्योरा के पंजीकरण कराने में महेंद्रगढ़ अव्वल

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मेरी फसल मेरा ब्योरा के अंतर्गत जिले के 66933 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पूरे प्रदेश में करीब 5 लाख 55 हजार किसानों ने अपनी फसलों का ब्योरा दिया है। इन योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले किसानों की फसलों को ही समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। महेंद्रगढ़ जिले में सबसे अधिक पंजीकरण सरसों की फसल का किया गया है। पंजीकरण कराने की संख्या में महेंद्रगढ़ जिला सबसे अव्वल है। प्रदेश सरकार ने पंजीकरण के लिए 31 दिसंबर की तारीख को बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया है।
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अपनी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसानों को अपनी फसलों का ब्योरा देना अनिवार्य है। जिसमें किसानों को 31 दिसंबर 2019 तक पंजीकरण कराना था। अपना ब्योरा देने वाले किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। जिले में पिछले वर्ष करीब 55 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था। इस बार यह आंकड़ा 66933 पर पहुंच चुका है। जिसमें महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली, नारनौल, नांगल चौधरी में किसानों ने खंड अनुसार पंजीकरण किया गया है। मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना के तहत पंजीकरण के लिए किसानों को दो महीने का समय दिया गया था। हरियाणा में 5500018 किसानों ने 29 लाख 95 हजार 682 एकड़ जमीन का ब्योरा दिया है। महेंद्रगढ़ जिले का 265872 एकड़ जमीन का पंजीकरण किया गया है। पंजीकरण कराने वाले सभी किसानों को एक यूनिक नंबर दिया गया है। इस नंबर के अनुसार किसानों को फसल की खरीद के समय टोकन नंबर दिए जाएंगे। जिले में करीब 78 हजार हेक्टयेयर में सरसों की फसल है।
किसान अपनी जमीन की फरद, आधार कार्ड का ब्योरा लेकर आएं। सीएससी सेंटर पर कुछ ही मिनट में पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण नहीं कराने पर किसानों को दिक्कत आ सकती हैं।
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अजय भालोठिया, प्रभारी सीएससी, महेंद्रगढ़
जिले में अब तक 66 हजार से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है। प्रदेश सरकार ने पंजीकरण ने 15 जनवरी तक का समय बढ़ा दिया है। अगर कोई किसान अब तक पंजीकरण नहीं करा सका तो उसके पास एक और मौका है। पंजीकरण कराने वाले किसान ही फसल बेच सकेंगे।
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- जसविंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक, महेंद्रगढ़
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