नारनौल। एग्रीस्टैक के तहत बन रही किसान आईडी कृषि क्षेत्र में नई क्रांति लेकर आएगी। एक तरफ जहां किसानों को सरकार की योजनाएं सहज तरीके से मिलेंगी वहीं भविष्य में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर कोई दूसरा पंजीकरण नहीं कर पाएगा। यह बात उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में कही।
उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि इस कार्य में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 1.20 लाख में से 61 हजार से अधिक किसानों की आईडी बन चुकी है।
यह आधार की तरह एक यूनिक आईडी है। उन्होंने कहा कि आगामी किसान सम्मान निधि का पैसा भी इस यूनिक आईडी के तहत किसानों के खाते में आएगा। ऐसे में कोई भी किसान इससे वंचित नहीं रहना चाहिए ताकि सभी किसानों के खाते में आगामी किस्त समय पर आ सके।
उपायुक्त ने बताया कि इस आईडी के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, फसल बीमा, ऋण और मुआवजे का लाभ सीधे उनके खातों में बिना किसी देरी के प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जिले में इस कार्य को पूरा करने के लिए 300 अधिकारियों व कर्मचारियों को लगाया गया है, जो लगातार फील्ड में रहकर कार्य कर रहे हैं।