महेंद्रगढ़। बारिश के बाद शहर में चर्म रोग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अनेक मोहल्लों में सीवर ओवरफ्लो और सड़कों पर दूषित पानी जमा रहने से लोगों को परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गंदे पानी के संपर्क को इसका मुख्य कारण बताया है।
गंदे पानी के लगातार संपर्क में आने से पैरों में खुजली, दाद, फंगल संक्रमण और फफोले जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक है। बारिश के दौरान शहर की सड़कों और बाजारों में सीवर का पानी जमा हो जाता है। पैदल चलने वाले लोगों के जूते-चप्पल और पैर सीधे दूषित पानी के संपर्क में आते हैं।
अमित, नरेन, सुधीर ने बताया कि रोज इसी पानी से गुजरने के कारण पैरों में खुजली और लाल चकत्ते बन रहे हैं। कुछ लोगों को त्वचा पर फफोले और जलन की शिकायत भी है। सीवरों की समय पर सफाई न होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है।
इससे गंदा पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहता है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों ने संबंधित विभाग से सीवर व्यवस्था में सुधार और नियमित सफाई की मांग की है।
चिकित्सा अधिकारी वंदना यादव ने बताया कि बरसात में त्वचा संबंधी संक्रमण तेजी से फैलते हैं। गंदे पानी में पैर लंबे समय तक रहने से फंगल संक्रमण, दाद और खुजली की संभावना बढ़ती है। उन्होंने सलाह दी कि गंदे पानी से निकलने के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखाएं।