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साहब! मेरौ नंबर कब आवैगौ, मैं सुबह छह बजे से भूखौ प्यासो लाइन में सूं...

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खरीद केंद्र के बाहर लगी लोगों की लंबी लाईन। - फोटो : Narnol
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नारनौल। साहब! मेरो नंबर कब आवगौ, मैं सुबह छह बजे से भूखो प्यासों लाइन में खड़ों सूं। यह कहना कि 70 वर्षीय किसान नंद किशोर का। डीएपी खाद न मिलने के कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं महिलाएं भी सुबह 6 बजे से ही घर के सारे काम छोड़कर लाइन में खाद के लिए लग जाती हैं।
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किसानों को बुधवार को खाद आने की उम्मीद थी। किसान सुबह छह बजे ही को-ऑपरेटिव सोसायटी के सामने आकर खड़े हो गए थे। इसमें महिलाएं भी थीं। भूखे प्यासे किसान तपती धूप में खड़े रहकर प्रदेश सरकार को कोस रहे थे। वहीं लाइन में खड़ीं महिला व पुरुष किसानों में धूप से बचने के लिए किसी ने छतरी लगा रखी थी तो किसी ने कट्टा (प्लास्टिक का बोरा) सिर पर ओढ़ रखा था। इस दौरान काफी धक्का मुक्की होती रही।
माहौल को संभालने के लिए बीच पुलिस बल को बुलाना पड़ा। करीब 12.30 बजे हिसार से खाद के 400 कट्टे आए जो मात्र 200 किसानों को वितरित किए गए। आधे से ज्यादा किसानों को बिना खाद लिए वापस लौटना पड़ा। विभाग की ओर से 15 अक्तूबर तक संभावना जताई जा रही है कि खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। लाइन में खड़े किसानों का कहना था कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं डिप्टी सीएम चुनाव के समय जो वादा किया था अब वो कहां गए? उन्होंने झूठे वादे कर किसानों से वोट बटौरे हैं। इस दौरान गुस्साए किसानों में सरकार के प्रति काफी रोष था।
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बाक्स:
दिव्यांग किसान को भी लाइन में लगकर करना पड़ा बारी का इंतजार
मैंने अपने जीवन में ऐसी भ्रष्ट सरकार नहीं देखी। सरकार न तो किसानों का बाजरा खरीद रही और न ही किसानों को खाद मिल रहा है। इस सरकार को किसानों की परेशानी का कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में किसान क्या करें। -छोटे लाल, किसान।
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भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार किसानों पर जुल्म कर रही है। कभी खाद तो कभी बीज के नाम पर अत्याचार कर रही है। किसानों पर ऐसा अत्याचार कभी नहीं देखा। अगली बार भाजपा-जजपा को कोई वोट नहीं देगा।-सुरेश, खालड़ा।
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मैं सुबह सात बजे से भूखी प्यासी यहां आकर खड़ी हो गई थी। अभी 12 बज चुके हैं लेकिन सुबह से एक ही बात बोल रहे हैं कि आधे एक घंटे में खाद आ जाएगा, अभी तक नहीं आया है। बिना खाद के फसल की बुआई नहीं हो सकती।-बीरमती।
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भूखे प्यासे सुबह से लाइन में खड़े हैं। कोई कहने सुनने वाला भी नहीं है। दोनों पति पत्नी घर बंद करके आ रहे हैं। चार दिन हो गए चक्कर लगाते लेकिन आज तक खाद नहीं मिला है। सरकार ने किसानों को परेशान कर रखा है।-कमला।
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आज खाद आने की उम्मीद थी। इस भरोसे सुबह छह बजे खाद लेने लाइन में आकर खड़ा हो गया था। धूप गर्मी में परेशान होते चार दिन हो गए। फसल बोने में देरी हो रही है। परंतु किसानों के बारे में सरकार जरा सा भी नहीं सोच रही।-नंदकिशोर, किसान।
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आज हिसार से लगभग 1200 कट्टे आए थे। जो महेंद्रगढ़, नारनौल, अटेली, कनीना में भेजा गया है। नारनौल में 400 कट्टे वितरित किए गए हैं। जिले के लिए दो हजार एमटी खाद आना है जिसके दो रैक लग रहे हैं। उम्मीद है कि 14 या 15 अक्तूबर तक रैक मिल जाएंगे। -डॉ. संजय कुमार, क्वॉलिटी इंस्पेक्टर

खाद लेने के लिए लाईन में धूप से बचने के लिए छता लेकर बैठी महिला ।- फोटो : Narnol

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