नारनौल। रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा तो मिली लेकिन कई महिलाओं के लिए यह सुविधा पर्याप्त बसें नहीं होने के कारण परेशानी बन गई। बहरोड़-अलवर और कोसली रूट पर रोडवेज बसों का संचालन कम होने से महिलाओं को बसों के इंतजार में खड़ा रहना पड़ा।
बहरोड़-अलवर रूट पर करीब 16 बसें चलती हैं। इनमें करीब 50 प्रतिशत बसें एसटीए परमिट वाली हैं। इसी तरह कोसली और सिंघाना रूट पर भी रोडवेज बसों की तुलना में एसटीए परमिट वाली बसों की संख्या अधिक है। रक्षा बंधन के दौरान महिलाओं ने डिपो प्रशासन से इन रूटों पर रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
बस स्टैंड इंचार्ज प्रीतम बागड़ी ने बताया कि यात्री भार के अनुसार लंबे और छोटे सभी रूट पर बसों का संचालन किया जा रहा है। जिन रूट पर यात्रियों की मांग अधिक है, वहां सर्वे करवाकर बसों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल डिपो से 319 गांवों में बस सेवा दी जा रही है। शेष करीब 30 गांवों को भी बस सेवा से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।