शहीद जवान आनंद की बेटी
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बेटा अरुण बना लेफ्टिनेंट
शर्मिला ने बताया कि उनका इकलौता बेटा अरुण बीटेक करने के बाद एसएसबी की परीक्षा पास कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन चुका है। वहीं, बड़ी बेटी जोनी बीएड, एमएससी, सीटेट और रीट की परीक्षा पास कर शिक्षक बनने की तैयारी कर रही है। छोटी बेटी सुमित भी एमएससी नर्सिंग कर नर्सिंग से ही पीएचडी कर रही है।
शर्मिला देवी, शहीद आनंद की पत्नी
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परिवार की तीसरी पीढ़ी सेना में
शर्मिला देवी ने बताया कि उनके पति आनंद कुमार सेना में सिपाही थे। वहीं, उनके पिता हजारी लाल भी भारतीय सेना में थे। पति आनंद कुमार के सिर से महज छह साल की उम्र में पिता हजारी लाल का साया उठ गया था। बेटे अरुण का सपना पिता की तरह भारतीय सेना में जाने का था। उसने कड़ी मेहनत की और सेना में लेफ्टिनेंट बनकर तीसरी पीढ़ी के रूप में देश सेवा कर रहा है।
"मां ने पिता की कमी नहीं होने दी महसूस"
शर्मिला देवी की छोटी बेटी सुमित कुमारी मां के संघर्षों को बयां करते हुए भावुक हो जाती हैं। कहती हैं उनकी मां ने ही पिता बनकर परिवार की सारी जिम्मेदारियां निभाई हैं। जब भी कभी बाहर परीक्षा देने के लिए सहारे की जरूरत हुई तो मां हमेशा साथ रहीं। जब स्कूल में पीटीएम होती तो मां ही जाया करती थीं। पशुपालन से लेकर खेती कर तीनों बच्चों को पढ़ाया। मां ने कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दी।
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