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Mahendragarh-Narnaul News: लांबा परिवार के खून में है देशसेवा...कारगिल में बलिदान हुए सतपाल, बेटा भी सेना में दे रहा सेवा

Mon, 30 Jun 2025 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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शहीद सतपाल सिंह लांबा की ​वीरांगना उगंता देवी अपनी पुत्र वधु नीलम, पोते आरव तथा युवान के साथ श
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महेंद्रगढ़। कनीना उपमंडल के सिहोर गांव के लांबा परिवार के खून में देश सेवा है। साल 1999 में नायक सतपाल सिंह लांबा कारगिल युद्ध में बलिदान हुए थे। तब उनका बेटा अंकित महज 5 वर्ष का था। सतपाल का सपना था कि बेटा भी सेना में जाए। पति की शहादत के बाद उंगता देवी ने बेटे को फौज के लिए तैयार किया। मां के संघर्ष और कड़ी मेहनत का नतीजा रहा कि पिता की मौत के महज 14 वर्ष बाद ही अंकित 11 कुमाऊं रेजिमेंट में हवलदार पद पर भर्ती होने में सफल रहा।
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वीरांगना उंगता देवी ने कारगिल युद्ध के वह पल याद करते हुए कहा कि पति सतपाल सिंह सेना में नायक थे। छह जून 1999 को सेना की तरफ से चलाए गए विशेष ऑपरेशन रहीनो के वक्त वे बलिदान हो गए थे। पति के बलिदान होने की खबर से वह पूरी तरह टूट चुकी थीं। दो बेटियों और इकलौते बेटे अंकित का चेहरा देखकर आंसू नहीं रुकते थे।
अंकित को खेतों में लगवाती थीं दौड़
उंगता देवी बताती हैं बलिदान होने से एक माह पहले पति घर आए थे। उन्होंने कहा था कि मैं रहूं न रहूं बेटे अंकित को भी फौजी बनाना है। बलिदानी पति के वो शब्द याद करके मैंने ठान लिया कि बेटे को सैनिक बनाऊंगी। अंकित 10वीं में था तो गांव के खेतों में ही उसकी दौड़ के लिए अभ्यास शुरू कराया। 12वीं पास करते ही अंकित कुमांऊ रेजिमेंट में भर्ती हो गया।
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सतपाल के दो भाई भी रहे सेना में

सतपाल लांबा अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर के थे। सबसे बड़े भाई विद्यानंद भी सीआरपीएफ में रहे। वे 20 जून 1980 को सेवानिवृत्त हो गए थे। दूसरे नंबर के भाई सतबीर ने पूरे परिवार को संभालने के लिए खेती-किसानी की। तीसरे नंबर के भाई बाबूलाल व चौथे नंबर के सतपाल ने सेना में सेवाएं दीं। पांचवें नंबर के भाई कबूल लांबा एक निजी सुरक्षा एजेंसी में कार्यरत हैं।
अब पोतों को भी सेना में कराएंगी भर्ती
उंगता देवी ने बताया कि अंकित के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा आरव 7 साल और छोटा बेटा युवान 4 साल का है। उंगता देवी कहती हैं कि अपने पोतों को भी सेना में भर्ती करवाएंगी। बहू नीलम भी सास के सपने को पूरा करने में अभी से मदद कर रही हैं। दोनों बच्चों की दिनचर्या में दौड़ लगाना अभी से शामिल कर दिया है।

शहीद सतपाल सिंह लांबा की वीरांगना उगंता देवी अपनी पुत्र वधु नीलम, पोते आरव तथा युवान के साथ श

शहीद सतपाल सिंह लांबा की वीरांगना उगंता देवी अपनी पुत्र वधु नीलम, पोते आरव तथा युवान के साथ श

शहीद सतपाल सिंह लांबा की वीरांगना उगंता देवी अपनी पुत्र वधु नीलम, पोते आरव तथा युवान के साथ श

शहीद सतपाल सिंह लांबा की वीरांगना उगंता देवी अपनी पुत्र वधु नीलम, पोते आरव तथा युवान के साथ श

शहीद सतपाल सिंह लांबा की वीरांगना उगंता देवी अपनी पुत्र वधु नीलम, पोते आरव तथा युवान के साथ श

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