नारनौल। मौसम प्रणाली में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का जिले पर केवल आंशिक असर देखने को मिला। जिसकी वजह से हल्की बादलवाही और दक्षिणोत्तर हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज हुई, जबकि नमी की मात्रा में बढ़ोतरी होने से कोहरा के साथ ओस की फुहार देखने को मिली। बुधवार को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ संपूर्ण इलाके से आगे निकल गया। इससे एक बार फिर से हवा की दिशा और गति में बदलाव हो गया है। हवा एक बार फिर से उत्तरी बर्फीली होने से संपूर्ण इलाके में रात्रि तापमान में गिरावट देखने को मिला।
साथ ही तेज गति की हवा चलने से सुबह जल्दी कोहरा भी छंटने लगा। इससे काफी दिनों बाद सूर्य देव के दर्शन हुए। वहीं तेज और सुनहरी धूप खिली रहने से आमजन को हाड़ कंपा देने वाली ठंड से राहत मिली। हालांकि सुबह के समय कोहरा छाया रहा। उत्तरी बर्फीली हवा चलने से पाला गिरने और जमने की स्थिति बनने की संभावना बन रही है। 12 जनवरी की रात और 17 जनवरी को एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 13 जनवरी और 18 जनवरी को संपूर्ण इलाके में आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी। इससे मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इन मौसम प्रणाली द्वारा भी उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी होगी। बुधवार को जिला नारनौल और महेंद्रगढ़ के रात्रि तापमान क्रमश: 6.5 डिग्री और 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दिन का तापमान नारनौल में 17.0 और महेंद्रगढ़ में 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।अभी भी रात्रि तापमान में गिरावट की वजह से कुछ स्थानों पर शीतलहर व कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है।