महेंद्रगढ़। शहर के राजाराम पालड़ी रंगमंच पर उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और सामना आर्ट एंड कल्चर ग्रुप ने विलुप्त होती लोक कलाओं को लेकर बहुचर्चित बाबू दान के पिंगला भर्तृहरि सांग की प्रस्तुति दी। इससे दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
पूर्व विधायक एवं चेयरमैन यदुवंशी शिक्षण संस्थान राव बहादुर सिंह ने कलाकारों को सम्मानित किया। कहा कि विलुप्त हो रही लोक कलाओं को बचाना हमारा धर्म है। उन्होंने कहा कि एक सच्चा अभिभावक वही कहलाता है जो बच्चों को संस्कार देता है। आधुनिकता के इस युग में शिक्षा की सही दीक्षा बच्चों को संस्कारवान कर राष्ट्र के प्रति समर्पित करना है। महेंद्रगढ़ में लगभग 50 वर्ष के बाद सांग विधा के साथ दर्शकों को जोड़ा गया है। नामी सांगी बाबू दान द्वारा मंचित पिंगला भर्तृहरि के एक एक किरदार ने पंडित मांगे राम जैसे कवि की लोक गायन शैली को जिंदा रखने का सफल प्रयास किया।
स्वर्गीय बहादुर सिंह तिवाड़ी की तीसरी पुण्य स्मृति पर गायक डॉ. जगबीर राठी ने 2 घंटे की प्रस्तुति के दौरान लोक गायकी, निर्णय कोरियोग्राफी व हास्य के फव्वारे के साथ दर्शकों को जोड़े रखा। बोल तेरे मीठे मीठे गीत की पैरोडी में उनके द्वारा समायोजित किए गए कई गीतों ने समां बांध दिया। बता दें कि आमिर खान की फिल्म दंगल में सशक्त अभिनय करने वाले डॉ. जगबीर राठी जो कि कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
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तनीषा सैनी ने शास्त्रीय गायन से मोहा
16 वर्ष की उम्र में ही राष्ट्रपति, प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ कई अन्य पुरस्कारों से पुरस्कृत तनीषा सैनी ने शास्त्रीय गायन की जुगलबंदी का प्रदर्शन किया। तनीषा सैनी ने अद्भुत शैली के साथ पहाड़ी व श्याम के भजनों के साथ अवध के राजा राम बड़ी देर लगाई तूने आने में भजन से शास्त्रीय गायन को परवान पर चढ़ा दिया। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के कार्यक्रम अधिकारी राजेश बख्शी ने हरियाणा कला परिषद के निदेशक के रूप में कार्य करने वाले राज्य के सांस्कृतिक गतिविधियों के नोडल अधिकारी अनिल कौशिक का आभार व्यक्त किया।
संरक्षक घीसा राम सैनी, सामना आर्ट की राष्ट्रीय संयोजिका नगर पालिका की उपप्रधान मंजू कौशिक, उपप्रधान राजेश लावनिया, मैनेजर सोहन लाल, निदेशक प्रमोद तिवाड़ी, कलाकार प्रधान विकास तिवाड़ी, अशोक जांगड़ा, राजेंद्र पोपली व जगराम सैनी ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम किए जाएं। जिससे कि लुप्त हो रही लोक कलाओं को जीवित रखा जा सके। आयोजन समिति की ओर से आईजी अशोक कुमार,आरपीएस ग्रुप की चेयरपर्सन पवित्रा राव, राजेश बख्शी, डॉ. जगबीर राठी, तनीषा सैनी, मदन डागर, बाबू दान को स्मृति चिह्न प्रदान कर अपनी संस्था की ओर से सम्मानित किया।
इस अवसर पर परिषद प्रधान दिनकर बोहरा, महानिदेशक गिरीश कानोडिया, सेठ भूषण दादरी वाले, रोशन लाल यादव, राव रमेश पायलट, शरद कानोडिया, प्रधान दिनेश वैध, नीरज तिवाड़ी,ओम प्रकाश सैनी, संतलाल नारनौल, मोहन वशिष्ठ, दलीप गोस्वामी, नरेश जोशी,अनिल तिवाड़ी, राजू सोनी आदि मौजूद रहे।