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कंडम घोषित भवन में चल रहा है सतनाली का अस्पताल

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सतनाली मंडी। कस्बे व दो दर्जन से अधिक गांवों के निवासियों के स्वास्थ्य का जिम्मा संभाल रहे अस्पताल को भले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिल चुका है लेकिन अस्पताल का भवन जर्जर हो चुका है। जर्जर हो चुके भवन को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कंडम घोषित किया जा चुका है बावजूद इसके नया भवन बनाने की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। जिससे सीएचसी का दर्जा मिलने के बाद सुविधाओं और संसाधन के अभाव अस्पताल रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है।
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बता दें कि सतनाली कस्बे सहित 60 से अधिक गांव व ढाणियों की एक लाख 31 हजार से अधिक की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा संभाल रहा अस्पताल खुद ही बीमार है। क्षेत्रवासियों की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपग्रेड कर सीएचसी बनाने की घोषणा और रैली स्थल से प्रतीकात्मक शिलान्यास किया था। इसके बाद अस्पताल पीएचसी से अपग्रेड होकर सीएचसी तो बन गया लेकिन इसका नया भवन बनाने की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। अस्पताल के पुराने जर्जर हो चुके भवन को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कंडम घोषित किया जा चुका है लेकिन नए भवन निर्माण की फाइल ठंडे बस्ते में चल रही है। क्षेत्रवासी लंबे समय से सरकार से स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाने एवं यहां आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग की है ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके।
पीडब्ल्यूडी द्वारा अस्पताल के भवन को करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कंडम घोषित किया जा चुका है। जिसके बाद सिविल सर्जन के माध्यम से उच्चाधिकारियों को अस्पताल के नए भवन के लिए लिखा गया है। उपलब्ध संसाधनों से मरीजों को बेहतर उपचार देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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डॉ. मनीष यादव, सीएचसी प्रभारी
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