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सकट चौथ आज, महिलाएं रखेगी तिलकुट व्रत : राहुल भारद्वाज

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फोटो संख्या:57 ज्योतिषी राहुल भारद्वाज।
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महेंद्रगढ़। माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को तिल चतुर्थी या तिलकुट का व्रत मंगलवार को रखा जाएगा। यह चतुर्थी भगवान गणेश और संकटा माता को समर्पित है। ये व्रत संतान के लिए रखा जाता है। व्रत करने से संतान पर आने वाली कष्ट बाधाएं दूर होती है साथ ही सुख, सौभाग्य, सफलता मिलती है। संतान प्राप्ति के लिए भी तिलकुटा चौथ व्रत रखा जाता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया कि सर्वार्थ सिद्धि योग, कुमार योग व आगारिक योग में तिलकुटा चौथ मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं उपवास रखेंगी। तिलकुट चौथ की कथा सुनेंगी और चंद्रमा को अर्घ्य देकर उपवास खोलेंगी। इस दिन रात 8:59 बजे चंद्रमा का उदय होगा।
मान्यताओं के अनुसार माघ मास की इसी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश ने अपने जीवन का सबसे बड़ा संकट टाला था। इसी दिन उन्होंने अपने माता-पिता (शिव-पार्वती) की परिक्रमा कर यह सिद्ध किया था कि माता-पिता के चरणों में ही समस्त ब्रह्मांड का वास है। इस दिन व्रत रखने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और संतान पर आने वाले सभी संकटों को दूर कर देते हैं, इसीलिए इसे सकट चौथ कहा जाता है।
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इस व्रत में तिल का विशेष महत्व
सकट चौथ के दिन तिल का विशेष महत्व होता है। इस दिन तिल से बने व्यंजन जैसे तिल के लड्डू, तिलकुट आदि का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि तिल का दान करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। इस दिन दान-पुण्य करना भी शुभ माना गया है। काले तिल, गुड़, घी, गर्म कपड़े और अन्न का दान करना चाहिए।
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