नारनौल। ग्रामीण चौकीदार संगठन हरियाणा संबंधित एआईयूटीयूसी की बैठक वीरवार को लघु सचिवालय पार्क नारनौल में जिला उप प्रधान सुरेश चंद की अध्यक्षता में हुई। इसके बाद ग्रामीण चौकीदारों ने प्रदर्शन कर लघु सचिवालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नगराधीश मंगल सैन को सौंपा।
इस अवसर पर एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह ने कहा कि ग्रामीण चौकीदार गांवों के सजग प्रहरी हैं। गांव में दिन रात चौकीदारी का काम करते हैं। सरकार की हर महत्वपूर्ण घोषणा व प्रशासनिक अधिकारियों के गांवों के दौरे की मुनादी कर गांव के प्रत्येक ग्रामीण तक जानकारी ग्रामीण चौकीदारों के माध्यम से ही पहुंचती है। जिला सचिव छाजूराम रावत, बस्ती राम, महेंद्र सिंह व बाबूलाल ने कहा कि ग्रामीण चौकीदार सरकार के आंख-कान के रूप में मुस्तैदी से ड्यूटी करते हैं। कोरोना महामारी के समय गांवों में ग्रामीण चौकीदारों ने सराहनीय कार्य किया है, लेकिन ग्रामीण चौकीदारों को बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। वर्ष 2018 के बाद ग्रामीण चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में आसमान छूती महंगाई में ग्रामीण चौकीदारों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। ग्रामीण चौकीदारों की दयनीय आर्थिक हालात व सामाजिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीण चौकीदारों की मांगें न्याय संगत है। ज्ञापन में ग्रामीण चौकीदारों ने ग्रामीण चौकीदारों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 24000 हजार रुपये लागू करने, ग्रामीण चौकीदारों को 60 वर्ष पूरा होने पर मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट व पुलिस वैरिफिकेशन के बाद 65 वर्ष सेवा अवधि तक सेवा का मौका प्रदान किया जाए।
इस अवसर पर बस्ती राम, बाबूलाल, मनोहरलाल, रामौतार, रामनिवास, महेंद्र सिंह, अशोक, लालचंद, रोहतास, जीवन, नानड़, जगमाल, हनुमान, नंदलाल व सत्यवीर आदि उपस्थित रहे।