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नौकरी के नाम पर रुपये लेने वाले दो नाम और आए, दस लोगों से ठगे हैं 50 लाख

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नौकरी के नाम पर रुपये ठगने के मामले में आरोपी मनोज को एक दिन के रिमांड के बाद पुलिस ने रविवार को एसडीजेएम हिमांशु सिंह की अदालत में पेश किया गया जहां से न्यायाधीश ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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आरोपी मनोज ने रिमांड में बताया कि इस मामले में उसकी बुआ का लड़का रविंद्र निवासी नंगली गोधा, जिला रेवाड़ी और बुआ के लड़के का साला कश्मीर निवासी उच्चत भी शामिल है। पुलिस रिमांड में आरोपी मनोज ने बताया कि तीनों मिलकर वो ठगी का काम करते थे। अब तक वो दस लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी कर चुुके हैं। उसने बताया कि इस मामले का मुख्य सरगना बुआ का लड़का रविंद्र कुमार है। उसकी योजना के तहत वो काम करते हैं। पुलिस आरोपी से पैसे बरामद नहीं कर पाई है। आरोपी मनोज पहले वाले मामलें गिरफ्तार किया गया। इस मामले के दो आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। शनिवार को पुलिस ने गांव मोहनपुर के पूर्व सरपंच ने मनोज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
अप्रैल माह में आरोपी मनोज ने ही दी रविंद्र और कश्मीर के खिलाफ शिकायत:
अप्रैल माह मनोज ने पुलिस को दी शिकायत में दी थी। उसने शिकायत में बताया था कि वह रविंद्र और कश्मीर से दो वर्ष पहले मिले थे। उनके कहने पर गांव नांगल मोहनपुर निवासी मुंशीराम से 9 लाख रुपये तथा ओमप्रकाश से 12 लाख रुपये लिए रेलवे विभाग तथा अन्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर लिए थे। ये पैसे उसने रविंद्र और कश्मीर को दे दिए थे। दोनों ने न तो बच्चों को नौकरी लगवाया और न ही पैसे वापस दिए। पुलिस ने तीनों को आरोपी मानकर उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया था।
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दस लोगों से ऐंठ पचास लाख रुपये
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी अमर सिंह, मुंशीराम, ओमप्रकाश, रामकिशन, प्रताप सिंह, रामनिवास, राजेश निवासी नांगल मोहनपुर, अतर सिंह वासी भड़फ, चांदराम वासी मांडोला, दगड़ सिंह वासी राजावास से उनके लड़कों एवं रिश्तेदारों को पैसे लेकर नौकरी लगवाने का झांसा दिया था और उनके झांसे में आकर इन लोगों से तीन लाख पचास हजार-तीन लाख पचास हजार रुपये दे दिए थे। लगभग दस लोगों ने इन आरोपियों ने 50 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
चेक हो गया था बाउंस
मनोज ने शिकायत में बताया था कि में बच्चों की नौकरी न लगी और उपरोक्त लोगों ने पैसे वापिस मांगे तो रविंद्र व कश्मीर ने एक अन्य व्यक्ति ईश्वर को माध्यम बनाकर ईश्वर से बीस-बीस लाख के दो चेक व एक सात लाख का चेक उसको दे दिये। जब उसने चैक कैश करवाने चाहे तो दोनों चेक बाउंस हो गए जिस पर मनोज ने कश्मीर व रविंद्र के खिलाफ कनीना कोर्ट में चेक बाउंस का केस डाल दिया था।
पूर्व सरपंच ने यह दी थी शिकायत:
श्यामलाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी मनोज निवासी गांव नांगल ने उसके लड़के कृष्ण को दिल्ली पार्लियामेंट में ग्रुप डी के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख रुपये लिए थे। उसके बाद उसने झूठा कॉल लेटर भिजवाकर दस दिन किसी कोठी पर गार्ड के पद पर तैनात करवा दिया था और कृष्ण को छोटी उम्र का बहाना देकर नौकरी से निकाल दिया थ। इसी दौरान उसने गांव मोहनपुर निवासी राजकुमार एवं गांव ढाणा निवासी राधेश्याम को भी आरोपी ने पूर्व सरपंच के बेटे का काल लेटर दिखाकर उनसे भी सवा तीन-सवा तीन लाख रुपये ऐंठ लिए थे। उन दोनों लड़कों आज तक कुछ नहीं हो पाया। तीनों लोगों से आरोपी मनोज ने लगभग 11 लाख 7 हजार रुपये धोखाधड़ी के नाम पर ऐंठ लिए।
आरोपी को मुकदमा न. 124 में गिरफ्तार किया गया है। रिमांड में आरोपी से रिकवरी नहीं हो पाई है। उसने दस लाख से 50 लाख रुपये ऐंठन की बात बताई। इस मामले में दो अन्य आरोपी रविंद्र और कश्मीर भी शामिल है। इन दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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-गुणपाल, जांच अधिकारी।
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