नारनौल/महेंद्रगढ़। लगातार दूसरे दिन वीरवार को हुई बारिश ने नगर परिषद के दावों की पोल खोल दी। सुबह से शुरू होकर पांच घंटे तक हल्की बारिश हुई। इसकी वजह से सड़कों पर घुटने भर पानी भर गया जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। कई स्थानों पर सीवरेज ओवरफ्लो होने से सड़कों पर गंदा पानी बहता रहा।
नारनौल : बुधवार की शाम आंधी के साथ बारिश हुई थी जिससे जलभराव हो गया था। इस दौरान तकनीकी गड़बड़ी से शहर के कई मोहल्लों में की बिजली देर रात तक बाधित रही। शहर के मोहल्ला जमालपुर, देवस्थान व कुलताजपुर रोड सहित अन्य मोहल्ले में बिजली गुल रही और रात 11 बजे तक आपूर्ति सुचारू हो पाई। बुधवार की बारिश से पैदा हुई समस्या से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि वीरवार की सुबह से लगातार पांच घंटे तक बारिश हुई और सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश ने नगर परिषद प्रशासन के जलनिकासी के दावे की पोल खोल दी। नालियां जाम होने के कारण कई स्थानों पर नालों का पानी सड़क पर आ गया। बारिश के चलते शहर की पार्क गली, नेताजी सुभाष पार्क गली, सैन चौक सहित अनेक हिस्सों में बरसाती पानी भर गया जिसके चलते न केवल राहगीरों को बल्कि वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी चंद्रमोहन ने बताया कि आने वाले दिनों में हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में झमाझम बारिश हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
महेंद्रगढ़ : क्षेत्र में वीरवार को रुक-रुककर शाम तक बारिश होती रही। बारिश के चलते शहर के रतन कांपलेक्स, सिनेमा रोड, मोहल्ला महायचान, राज गार्डन, ओवर ब्रिज के पास, महाराणा प्रताप चौक, स्टेट हाईवे सहित अनेक स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। इसके अलावा दौंगड़ा, सतनाली और आकोदा में भी अनेक स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने चार जुलाई तक बारिश लगातार जारी रहने की संभावना जताई है। कृषि विशेषज्ञ भी इस बारिश को किसानों के लिए वरदान मान रहे हैं।
बाजरे की बिजाई के लिए बारिश लाभदायक
नारनौल। बारिश से न सिर्फ लोगों को राहत मिली है बल्कि किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। मानसून की यह बारिश खेती के लिए लाभदायक बताई जा रही है। खासतौर से बाजरे की बिजाई के लिए बारिश काफी लाभदायक है। बारिश होते ही किसानों ने बाजरे बिजाई की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं खेतों में खड़ी कपास की फसल के लिए भी यह बारिश काफी लाभदायक मानी जा रही है। जिले में खरीफ सीजन में मुख्य रूप से बाजरा, मूंग व ग्वार की फसल उगाई जाती है।
कहां कितनी बारिश हुई
अटेली 49.0 एमएम
कनीना 12.0 एमएम
महेंद्रगढ़ 33.8 एमएम
पाली 25.0 एमएम
नारनौल 11.0 एमएम
नांगल चौधरी 4.0 एमएम