महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में सत्र 2025-26 के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले की प्रक्रिया जारी है। सीयूईटी (पीजी) 2025 के विद्यार्थी 23 जून तक पंजीकरण करा सकते हैं।
विश्वविद्यालय में दाखिले के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए संस्कृत विभाग द्वारा उपलब्ध एमए संस्कृत पाठ्यक्रम एक बेहतर विकल्प है। विभाग भारत की पुरातन संस्कृति, वेद, योग, आयुर्वेद, प्राचीन विज्ञान को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अध्ययन के लिए उपलब्ध करा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि यह पाठ्यक्रम परंपरागत संस्कृत के ज्ञान और उसके आधुनिक बदलावों व उपयोगों से विद्यार्थियों को अवगत कराता है। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत विभाग द्वारा संसाधनों में स्तर पर स्मार्ट क्लासरूम, प्रोजेक्टर जैसी नई शिक्षण तकनीकों के माध्यम से अध्यापन कर दक्षता विकसित की जा रही है।
विभाग के प्रभारी डाॅ. देवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि एमए संस्कृत के अंतर्गत विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रायोगिक पहलुओं जैसे वैदिक यज्ञ की विधियों, स्पीच थेरेपी के रूप में संस्कृत मंत्रोच्चारण का प्रयोग, आयुर्वेद की विधियों एवं उपचार पद्धतियों के महत्त्व, पर्यावरण संरक्षण की प्रविधियों, भाषा एवं तकनीकी के बेहतर प्रयोग आदि में कौशल विकास किया जाता है।
जहां तक इस क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की बात है तो संस्कृत के विद्यार्थी वर्तमान में सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डाॅ. देवेंद्र राजपूत ने बताया कि संस्कृत अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों के अतिरिक्त आकाशवाणी, दूरदर्शन, शोध संस्थानों, प्रकाशन विभागों, भारतीय सेना में धर्म शिक्षक जेसीओ, सी-डेक में भाषा अभियंता के रूप में रोजगार के उत्तम अवसर हैं। साथ ही पांडुलिपि संपादन, आईआईटी एवं आईआईएम जैसे संस्थानों में शोध सहायक, अनुवादक के रूप में राजकीय एवं निजी संस्थाओं में करियर बना सकते हैं। दाखिले के इच्छुक पात्र अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।