फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रैनबसेरा बदहाल, चैन से कैसे बीते बेसहारों की रैन

विज्ञापन
महेंद्रगढ़ रैनबसेरा में चारपाई पर फटी हालत में धूल से अंटे गद्दे। संवाद - फोटो : Narnol
विज्ञापन
बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए कई शहरों में रैन बसेरे शुरू कर दिए जाते हैं, लेकिन महेंद्रगढ़ शहर में नगरपालिका व प्रशासन ने अभी तक रैनबसेरों की सुध नहीं ली है। शहर का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस तक आने के बाद भी नगरपालिका द्वारा चार साल पहले नपा भवन की छत पर शुरू किए गए रैनबसेरे में जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई है। सर्दी में रात को आप महेंद्रगढ़ में ठहरने की सोच रहे हैं तो रैन बसेरे के भरोसे न रहें।
विज्ञापन

बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर शुरू नहीं हुए रैनबसेरे
शहर में एकमात्र रैनबसेरा है। लेकिन उसमें सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। शहर के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर रात के समय रैनबसेरों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। लेकिन महेंद्रगढ़ में दोनों ही स्थानों पर अभी तक अस्थायी तौर पर इसकी व्यवस्था नहीं की गई है।
एकमात्र रैन बसेरे में नहीं कोई सुविधाएं
शहर की नगरपालिका में बने एकमात्र रैनबसेरे में नपा के जिम्मेदार अभी तक सुविधाएं नहीं जुटा पाए हैं। यहां सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण ही नपा के जिम्मेदारों ने अभी तक सूचनापट्ट पर रैनबसेरे से संबंधित कोई भी सूचना नहीं लगाई है। सुविधाओं के नाम पर रैनबसेरे में नपा की पुरानी फाइलों पर जमी धूल, दो चारपाइयों पर बिछी फटी चादर व कंबल हैं।
विज्ञापन

शहर में सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित कर रैनबसेरे शुरू करा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए रैनबसेरे तैयार करा उनमें ठंड से बचाव के लिए पूरी व्यवस्था कराई जाएगी। -एसडीएम, दिनेश कुमार।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें