उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने कहा कि समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को परेशानी मुक्त सेवाएं प्रदान करना है। समाधान शिविरों में आने वाले नागरिकों की शिकायतों का अधिकारियों द्वारा त्वरित समाधान किया जा रहा है। जिला महेंद्रगढ़ में सोमवार को लगे समाधान शिविरों में कुल 87 शिकायतें दर्ज की गईं। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा भी मौजूद थे।
उपायुक्तने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतें पूरी गंभीरता के साथ सुनें। हर रोज पूरा आंकड़ा मुख्यालय भेजा जा रहा है। एक-एक शिकायत की पूरी तरह से समीक्षा की जा रही है। समाधान शिविरों को लेकर सरकार की इस पहल की लोगों ने सराहना की है। हर रोज नागरिकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यहां पर सामूहिक समस्याओं का भी जल्द से जल्द समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। समाधान शिविर में आए गांव शेखपुरा के रण सिंह ने बताया कि उनका राशन कार्ड का प्रिंट नहीं निकल रहा था। सोमवार को मौके पर ही समाधान शिविर में उनका प्रिंट निकाल कर दे दिया गया।
नारनौल की सुमन ने बताया कि अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत मरम्मत के लिए उनके पैसे स्वीकृत हो गए हैं। उन्होंने सरकार के समाधान शिविर लगाने के फैसले का स्वागत किया।
गांव बड़गांव के शिवताज ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में नाम दर्ज करवाने के लिए आया था। उनका नाम परिवार पहचान पत्र में शामिल हो गया है। इसी प्रकार गहली के भीम सिंह ने बताया कि लेबर विभाग से संबंधित कार्य था। मौके पर ही समाधान शिविर में उनका कार्य हो गया। समाधान शिविरों में प्रोपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र, भूमि पंजीकरण, स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र, नगर पालिकाओं से नक्शे की स्वीकृति, समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन, राशन कार्ड एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पुलिस से संबंधित शिकायतों, बिजली, सिंचाई, जनस्वास्थ्य से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की जा रही है।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल करवा, एसडीएम नारनौल डॉ. जितेंद्र सिंह तथा नगराधीश मंजीत सिंह के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।