फोटो नंबर- 14अपने घर पर रंग-रोगन करती सविता। संवाद
नारनौल। दिवाली आते ही लोग घरों की साफ-सफाई और रंग-रोगन में जुट गए हैं, ताकि रोशनी के पर्व पर घर जगमगा उठें। इसी वजह से पेंट करने वाले मजदूरों की मांग भी बढ़ी हुई है जबकि कुछ लोग खुद ही रंग-रोगन कर अपने आशियाने को चमका रहे हैं।
दिवाली से करीब दो माह पहले यानी सितंबर से नवंबर तक का समय रंग-रोगन के काम का पीक टाइम होता है। यही कारण है कि सितंबर से पहले की तुलना में अब पेंट के दाम करीब 8 प्रतिशत और मजदूरी 100 रुपये बढ़ गई है।
पेंट की दुकानों पर सुबह और शाम के बाद ज्यादा भीड़ रहती है। दुकानदार बजरंग लाल, राहुल और अन्य ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार रंग-रोगन के काम में बढ़ोतरी हुई है। दिवाली सीजन में यह कारोबार 20 से 25 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
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गर्मियों में ही प्लान कर लिया था कि दिवाली पर हम खुद घर में रंग-रोगन करेंगे। पिछले 15 दिनों से परिवार के सभी सदस्य अपने काम से फ्री होकर रंग-रोगन करते हैं। इससे घर में खुशी का माहौल रहता है।
-सविता, मोहल्ला पटीकरा मोड़
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पेंटर की मजदूरी 900 रुपये और हेल्पर की मजदूरी 700 रुपये तक बनी हुई है। रंग-रोगन का काम पिछले साल की तुलना में ठीक है, लेकिन नियमित काम न मिलने से परेशानी होती है।
-रोहित, ठेकेदार, गांव कोरियावास
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हमारा गृह राज्य बिहार है। दिवाली के दौरान रंग-रोगन का काम बढ़ने से रोजगार की तलाश में सितंबर में यहां आते हैं। दिवाली तक नियमित काम मिला हुआ है। काम से जो रुपये मिलेंगे, उनसे घर की मरम्मत करवाऊंगा।
-हसीब, प्रवासी मजदूर