नारनौल, निजामपुर। बिजली संकट ने निजामपुर क्षेत्र के ग्रामीण जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। लोगों का कहना है कि ऐसा लग रहा अचानक दुनिया 30 साल पीछे चली गई है। बिजली के अभाव में कहीं पीने के पानी का संकट गहराने लगा है, तो कहीं सुबह-सुबह दूध बिलोने जैसे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
खेती की बुवाई के अहम समय में बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं, वहीं दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी और लाखों रुपये के सामान को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। बिजली की कमी अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीणों, किसानों और व्यापारियों के लिए आर्थिक नुकसान का खतरा बनती जा रही है। वहीं किराना स्टोर व सब्जी की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा का स्थान अब तराजू-बट्टा ने ले लिया है।
खेती की बुवाई के समय खेतों में पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में बिजली नहीं मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खेती के छह महीने के महत्वपूर्ण दौर में बिजली बाधित रहना किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। समय पर सिंचाई नहीं हुई तो फसलों की बुवाई और शुरुआती विकास प्रभावित होने का खतरा रहेगा।
रोहतास प्रधान, गांव-कारोली
पिछले दो दिनों से बिजली नहीं होने के कारण खाली बैठे हैं और दुकान में रखा सामान खराब होने के कगार पर पहुंच गया है। सामान को बचाने के लिए किराये पर जनरेटर लाकर फ्रिजो को ठंडा करवाना पड़ रहा है। दुकान में लाखों रुपये का सामान रखा है। यदि बिजली की समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हंसराज, दुकानदार, निजामपुर
स्टील के गेट व रेलिंग का कार्य बिना बिजली पूरी तरह से रुका हुआ है। दिवाली से पहले ऑर्डर पूरे करने हैं, लेकिन हड़ताल के चलते देरी हो रही है। अगर जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो बचत का सारा पैसा जनरेटर में खर्च कर ऑर्डर पूरे करने पड़ेंगे।
अनुज सैनी, दुकानदार, गोशाल रोड
इलेक्ट्रॉनिक कांटा बिना बिजली कार्य नहीं कर रहा, इसलिए घर में रखे पुराने तराजू-बट्टे से काम चलाना पड़ रहा है। वहीं बिजली गुल रहने के चलते बिक्री के लिए रखे दूध व दही के भी खराब होने की संभावना बनी हुई है।
पवन कुमार, मोहल्ला- चौकी नंबर- 45
पार्सल को भेजने का कार्य रुका हुआ है और इतनी बचत नहीं होती कि जनरेटर लगाया जाए। जिससे लोगों की ओर से भेजे गए पार्सल निर्धारित स्थान पर भेजने में देरी हो रही है।
मनमोहन, कोरियर सर्विस, रेवाड़ी रोड
खाद लेने के लिए आई थी, पूरा दिन लाइन में लग कर तीन बैग खाद प्राप्त कर पाई हूं। घर में बिजली नहीं होने के कारण फ्रिज नहीं चल पाया और दूध व दही खराब हो गया।
सावित्री देवी, गांव-पटीकरा