मंडी अटेली। नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद में राज्य चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए संजय गोयल के निर्वाचन को रद्द कर दिया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में उन्हें अध्यक्ष पद से डीनोटिफाई कर दिया गया है। यह फैसला नारनौल स्थित निर्वाचन न्यायाधिकरण के आदेश के आधार पर लिया गया है।
नौ जुलाई 2026 को निर्वाचन न्यायाधिकरण ने चुनाव याचिका स्वीकार करते हुए संजय गोयल के चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर अध्यक्ष पद से उनका नाम हटा दिया।
यह चुनाव याचिका अध्यक्ष पद के चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी रहे भूपेश गुप्ता की ओर से दायर की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि संजय गोयल ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई थीं। मामले की सुनवाई हेड ऑफ इलेक्शन ट्रिब्यूनल एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन डॉ. मुकेश कुमार की अदालत में हुई थी।
याचिकाकर्ता का मुख्य आरोप था कि वर्ष 2018 में स्थानीय निकाय विभाग ने लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने के कारण संजय गोयल को पद से हटा दिया था। नगर पालिका कानून के अनुसार ऐसे व्यक्ति को छह वर्ष तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है। आरोप लगाया गया कि इसके बावजूद उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया।
इसके अलावा याचिका में कहा गया कि नामांकन पत्र में निलंबन और अन्य जरूरी तथ्यों की जानकारी नहीं दी गई। याचिकाकर्ता के अनुसार यदि नामांकन पत्र की जांच सही तरीके से होती तो उनका नामांकन उसी समय रद्द हो जाना चाहिए था।
गौरतलब है कि अटेली नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्यक्ष चुनाव में संजय गोयल विजेता रहे थे जबकि भूपेश गुप्ता को हार का सामना करना पड़ा था। अब न्यायाधिकरण के फैसले के बाद उनका अध्यक्ष पद समाप्त हो गया है।