संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से हरियाणा-दिवस पर वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय कवि-सम्मेलन का आयोजन शनिवार को किया गया। इसमें शामिल भारत, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फीजी, माॅरिशस, नीदरलैंड, स्पेन, डेनमार्क, स्वीडन, सूरिनाम, ट्रिनिडाड और अमेरिका समेत कई देशों के कवियों ने हरियाणवी में काव्य-पाठ किया।
उद्योग विस्तार अधिकारी डॉ. सुनील भारद्वाज ने प्रार्थना-गीत प्रस्तुत किया। चीफ ट्रस्टी डॉ. रामनिवास मानव के सान्निध्य में कविसम्मेलन हुआ। संचालन डॉ. पंकज गौड़ ने किया।
मुख्य अतिथि व हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला के निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने हरियाणवी को जन-मानस की भाषा बताया। पूर्व निदेशक डॉ. पूर्णमल गौड़ ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति के संरक्षण होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. संतराम देशवाल ने हरियाणवी को अपनी मातृभाषा बताते हुए कहा कि प्रत्येक हरियाणावासी को इस पर गर्व होना चाहिए। कोल इंडिया लिमिटेड के पूर्व महाप्रबंधक राजपाल यादव ने हरियाणवी भाषा और संस्कृति का महत्व बताया।
कवि-सम्मेलन में ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) के रोहित कुमार हैप्पी ने हरियाणा का मान बढावैं..., सिडनी (आस्ट्रेलिया) की डॉ. भावना कुंअर ने माट्टी की म्हैक, सूवा (फीजी) की सुएता दत्त चौधरी ने अपणी तलाश कविता का पाठ किया।
इसी प्राकर मोका (माॅरिशस) के डॉ. कृषणकुमार झा ने गिरमिटिया, आसन (नीदरलैंड) की डॉ. ऋतु शर्मा ने अनोखा हरियाणा, नारनौल से डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने बेटी म्हारी आण और डाॅ. संजय शर्मा ने ऐस्या सै म्हारा हरियाणा शीर्षक काव्य-पाठ किया।