महेंद्रगढ़ में परीक्षा केंद्र में लगी अभ्यर्थियों की लाइन। संवाद
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की ओर से शनिवार को जिले में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा पुलिस प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुई। पहले दिन शनिवार को शाम के सत्र में पीजीटी लेवल-3 लेक्चरर की परीक्षा हुई, जिसमें कुल 5604 भावी अध्यापकों में से 4865 ही परीक्षा देने के लिए पहुंचे। 739 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा शाम 3 बजे शुरू होकर 5.30 बजे समाप्त हुई। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षा बोर्ड के उड़नदस्तों ने निरीक्षण किया। इसके अलावा नोडल अधिकारी एसडीएम मनोज कुमार ने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं केंद्र अधीक्षकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। कड़ाके की ठंड में विभाग द्वारा भावी अध्यापकों के परीक्षा केंद्र जिले में ही निर्धारित करने से परीक्षार्थियों को थोड़ी राहत रही, क्योंकि कड़ाके की ठंड में दूरदराज परीक्षा केंद्र किए जाने पर सभी परीक्षार्थियों का वहां पहुंचना संभव नहीं हो पाता। हालांकि राजस्थान के भावी अध्यापकों को हरियाणा में परीक्षा देने के लिए पहुंचना पड़ा।
सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हुई परीक्षा
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके अलावा केंद्रों पर जैमर की भी व्यवस्था की गई, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को समाप्त किया जा सके। परीक्षा केंद्रों पर भावी अध्यापकों को रोल नंबर व पहचान पत्र के अलावा अन्य कोई भी वस्तु अंदर नहीं लेकर जाने दिया गया। वहीं कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी परीक्षार्थियों को मास्क लगाकर की केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
आज दो सत्रों में होगी परीक्षा
हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा रविवार को सुबह और शाम के सत्रों में आयोजित की जाएगी। सुबह के सत्र में परीक्षा 10 से साढ़े 12 बजे तक होगी। जबकि शाम की पाली में दोपहर बाद 3 बजे से साढ़े 5 बजे तक करवाई जाएगी। सुबह की पाली में होने वाली लेवल-2 की परीक्षा में 6230 भावी अध्यापक शामिल होंगे। जबकि शाम के सत्र में होने वाली लेवल-3 की परीक्षा के लिए 3181 भावी अध्यापक जिले में पहुंचेंगे।
कड़ाके की ठंड को देखते हुए सरकार ने जिले में ही परीक्षा केंद्र बनाकर अभ्यर्थियों को राहत दी है। जिले में ही परीक्षा केंद्र होने से उनका समय और पैसे दोनों की ही बचत हुई है। वहीं वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गए और परीक्षा समाप्त होने के बाद समय पर घर भी पहुंच जाएंगे। -सुनील कुमार, महेंद्रगढ़।
परीक्षा केंद्र नजदीक होने से समय और पैसे दोनों की बचत हुई है। सरकार व विभाग को किसी भी परीक्षा के लिए केंद्र आस-पास ही निर्धारित करने चाहिए, ताकि परीक्षार्थियों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़ेे। परीक्षा केंद्र नजदीक निर्धारित कर परीक्षार्थियों को राहत देने का कार्य किया गया है। -कृष्ण कुमार, कोटपुतली।
परीक्षा केंद्र के बाहर बच्चें को लेकर खड़ा व्यक्ति । संवाद- फोटो : Narnol