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Mahendragarh-Narnaul News: जन्मतिथि में गलती पर छात्र का रिकॉर्ड दुरुस्त करने के आदेश

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नारनौल। जन्मतिथि में हुई त्रुटि को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) गौरव की अदालत ने छात्र साहिल के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि साहिल की वास्तविक जन्मतिथि 1 मई 2004 है और संबंधित सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड में इसे ही सही किया जाए।
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अदालत ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जैलाफ को निर्देश दिए हैं कि वे छात्र की जन्मतिथि 10 नवंबर 2003 के स्थान पर 1 मई 2004 दर्ज करें और दो महीने के भीतर संशोधित प्रमाणपत्र जारी करें।
याचिकाकर्ता साहिल ने अदालत को बताया कि उसकी जन्मतिथि जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड में 1 मई 2004 दर्ज है लेकिन 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्रों में गलती से 10 नवंबर 2003 अंकित हो गई। इस त्रुटि के कारण उसे पासपोर्ट, डोमिसाइल और नौकरी के लिए आवेदन करने में परेशानी हो रही थी।
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अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, खासकर जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड को सही मानते हुए कहा कि छात्र की वास्तविक जन्मतिथि 1 मई 2004 है। इसके साथ ही अदालत ने रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन करने और नए प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए।
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