फोटो संख्या:71- पंडित राहुल भारद्वाज
महेंद्रगढ़। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर जिले में 600 से अधिक जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे जबकि केवल महेंद्रगढ़ खंड में ही लगभग 200 शादियां होंगी। शहर के 15 मैरिज पैलेस और 20 से अधिक धर्मशालाओं की बुकिंग एक माह पहले ही पूरी हो चुकी है।
अक्षय तृतीया को लेकर बाजारों और विवाह स्थलों पर भी रौनक बढ़ गई है। लोग इस दिन को नए जीवन की शुरुआत और समृद्धि के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया है।
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया के पर्व का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है। अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना गया है यानी इस दिन बिना कोई मुहूर्त देखे कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य कर सकते हैं और भूमि, भवन, वाहन की खरीददारी कर सकते है
ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया कि इस वर्ष 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के साथ भगवान परशुराम जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। इस दिन त्रिपुष्कर योग, रवि योग और मालव्य योग जैसे अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं जो दान-पुण्य और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।