महेंद्रगढ़। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में 50 बेड स्वीकृत होने के बाद भी महज 30 बेड से काम चलाया जा रहा है। यहां जगह की कमी होने के कारण बेड की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
अस्पताल के जनरल वार्ड में महज आठ बेड ही उपलब्ध हैं। भवन एवं बेड के अभाव में पिछले चार वर्ष से महेंद्रगढ़ का नागरिक अस्पताल पुराने भवन में चल रहा है। हालांकि लोगों की मांग पर सरकार की ओर से वर्ष 2019 में उप नागरिक अस्पताल से दर्जा बढ़ाकर नागरिक अस्पताल कर दिया गया था। साथ ही 50 बेड से 100 बेड का करने की घोषणा हुई थी। 100 बेड की घोषणा तो कर दी लेकिन लेकिन सुविधाओं का दायरा नहीं बढ़ पाया। बेहतर सुविधाओं के लिए भवन का अभाव नजर आने लगा तो नए भवन के लिए 26 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली।
10 जुलाई 2021 को नए भवन निर्माण का शिलान्यास का काम शुरू किया गया। इसके लिए 31 दिसंबर 2023 को निर्माण पूरा करने के लिए समय सीमा रखी गई थी लेकिन जिम्मेदारों की ओर से इसकी नियमित निगरानी के अभाव में ठेकेदार मनमर्जी से कार्य करता रहा जिसके कारण अब करीब एक वर्ष का समय अधिक लगेगा। साथ ही कोरोना के कारण कुछ दिन काम भी बंद रहा था। अब हाल ही में इसकी समय सीमा बढ़ाकर अक्तूबर माह तक कर दी गई है। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में जगह का अभाव होने के कारण पुराने रिहायशी भवन को भी चिकित्सा सुविधाओं के लिए उपयोग किया जाने लगा। इस समय लैब, हड्डी विभाग, बच्चों की ओपीडी, सर्जन, टीबी यूनिट, आयुष विंग सहित सुविधाएं भी रिहायशी क्वार्टरों में चल रही हैं। भवन के अभाव के कारण 50 बैड स्वीकृत होने के बावजूद भी इसमें महज 30 बैड की ही सुविधा दी जा रही है।