नारनौल। किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है, साथ ही लाइन में मैं पहले मैं पहले के चक्कर में हाथापाई भी हो जाती है। नारनौल अनाज मंडी स्थित बिक्री केंद्र पर करीब छह घंटे से लाइन में खड़े युवाओं में लात घूसे चल गए। मामले को शांत कराने के लिए पुलिस को दखल देना पड़ा। पुलिस ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
नारनौल अनाज मंडी स्थित बिक्री केंद्र पर छह घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद युवा किसानों में जमकर लात घूसे चले। पुलिस ने बीच-बचाव करते हुए मामला शांत कराया लेकिन पांच मिनट बाद ही दूसरा युवक अपने साथियों के साथ झगड़ा करने लगा। फिर से दोनों ओर से मारपीट और झगड़ा होने लगा।
वहीं दौंगड़ा अहीर स्थित बिक्री केंद्र पर भी सुबह छह बजे हाथापाई हुई। वहां पर किसानों को 112 नंबर डायल कर पुलिस बुलानी पड़ी थी। किसानों ने आज खाद वितरण के सिस्टम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चार दिन बाद खाद आया है लेकिन प्रशासन खाद वितरण ठीक से कराने में असफल साबित हो रही है। इसी सिस्टम की वजह से किसानों में मारपीट, हाथापाई तथा गाली गलौज हो रहे हैं। बहुत से किसान चक्कर खाकर गिर रहे हैं। यहां के जिला अधिकारियों को किसानों की समस्या से कोई सरोकार नहीं। अभी तक एक भी अधिकारी यहां के हालात देखने नहीं आया है। एक परिवार के दस-दस लोग लाइन में खड़े हैं। एक को दस कट्टे मिल रहे तो किसी को एक भी नहीं मिल रहा। अगर बुजुर्गों, महिलाओं तथा युवाओं का अलग से लाइन बना दी जाए तो इसमें सुधार हो सकता है।
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सुबह चार बजे स्टेट हाईवे के किनारे खड़े हो गए थे किसान
सुबह चार बजे अपना घर बंद कर पूरे परिवार सहित भूखे प्यास आकर लाइन में खड़े हो रहे हैं। नसीबपुर में डीएपी बिक्री केंद्र के बाहर अल सुबह 4 बजे ही किसानों की लंबी कतार लग गई। किसान जान जोखिम में डालकर अंधेरे में ही स्टेट हाईवे के किनारे पर लाइन में खड़े हो गए। जबकि बिक्री केंद्र खुलने का समय सुबह 9 बजे का है। किसान मदन एवं मनोज ने बताया कि किसान भूख, प्यास तथा घर के अन्य काम धंधे भूल गए हैं। केवल खाद ही उनकी प्राथमिकता है।
भीड़ कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने लगाया एड़ी से चोटी तक का जोर
आज खाद वितरण केंद्र पर जबरदस्त भीड़ थी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए महिला पुलिस कर्मचारी सहित 20 जवान यहां लगे हुए थे। पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ रहा था। उसके बाद भी भीड़ काबू में नहीं आ रही थी। भीड़ के अंदर-अंदर किसान पसीने-पसीने हो रहे थे लेकिन वो लाइन से बाहर निकलने के लिए राजी नहीं थे। इस दौरान तीन चार किसान चक्कर खाकर गिर भी गए। बाद में उनको हवा में एक तरफ बैठा गया।
वर्जन:
सरकार किसानों को मरवा रही है उनके लिए कुछ नहीं कर रही। आज सुबह दो-तीन किसान चक्कर खाकर गिर गए जिनको अस्पताल ले जाया गया। जमीदार के पास यही रोजगार। परिवार के लोग सारा काम छोड़कर यहां लाइन में लग रहे हैं। खाद की ऐसी समस्या पहले कभी नहीं देखी।-रामशरण, शहबाजपुर, किसान।
रात आठ बजे ही यहां आ गया था। मेरा 22वां नंबर था। लेकिन धक्के मार-मार मुझे लाइन से बाहर निकाल दिया। यहां का पूरा सिस्टम खराब है। प्रशासन का कोई अधिकारी यहां सिस्टम चेक करने नहीं आ रहे। न ही किसानों की समस्या के बारे में पूछ रहे। ऐसा कब तक चलेगा। सुरेश, कुलताजपुर, किसान।
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मैं चार दिन से खाद के लिए आ रहा हूं। एक कट्टा भी मुझे नसीब नहीं हुआ है। आज सुबह 4:35 बजेे पर आ गया था। यहां कोई सिस्टम ही नहीं है। आपस में मारपीटाई कर रहे हैं। पुलिस कंट्रोल नहीं कर पा रही है। अगर काउंटर की संख्या बढ़ा दी जाए तो दिक्कत खत्म हो सकती है।-रोहताश सिंह, मुकुंदपुरा, किसान।
मैं सुबह तीन बजे यहां आ गया था। साढ़े 12 बज चुके हैं अभी तक अन्न नहीं खाया है। एक लाइन न होकर दस-दस लाइन बनाई हुई। युवा धक्के मारकर बुजुर्गों को बाहर निकाल देते हैं। शाम तक बुजुर्ग काउंटर तक नहीं पहुंच पाता। इसलिए बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं के लिए अलग लाइन बननी चाहिए।-रोहताश, बिगोपुर, किसान।
किसानों ने नई अनाज मंडी में ताला जड़ दिया व सरकार विरोधी नारे लगाए ।
नांगल चौधरी। नई अनाज मंडी नांगल चौधरी में किसानों ने सुबह से ही डेरा डाल दिया। किसानों को पता चला कि रात को एक ट्रक खाद नई अनाज मंडी में आया है। सूचना पाकर किसान नई अनाज मंडी में रात से ही इकट्ठा होने लगे । तदोपरांत महेश सोडा के नेतृत्व में किसानों ने नई अनाज मंडी में ताला जड़ दिया व सरकार विरोधी नारे लगाए। महेश सोडा ने कहा मंडी गेट पर तब तक ताला लगा रहेगा जब तक सरकार किसानों को डीएपी खाद मुहैया नहीं करवा देती । कांग्रेसी नेता महेश सोडा अपने स्टैंड पर कायम नहीं रह सके उन्होंने क्षणिक रोड जाम भी लगाया । मात्र 10 मिनट के जाम के बाद वह दुकानदार के आश्वासन पर किसान वापस चले गए ।
अनाज मंडी में डीएपी खाद खरीद के दौरान हाथापाई करते लोग ।- फोटो : Narnol