किराये में वृद्धि पर यात्रियों के दबाव का सामना करने के बाद रेलवे ने मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए विशेष टैग हटाने तथा महामारी से पहले के किराये पर तत्काल प्रभाव से लौटने का शुक्रवार को आदेश जारी किया था, परंतु अभी तक इसकी तारीख तय नहीं की गई है। जब से कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लगे थे, रेलवे केवल विशेष ट्रेनें चला रहा है। इसकी शुरुआत लंबी दूरी की ट्रेनों से हुई थी। अब, यहां तक कि कम दूरी की यात्री सेवाओं को थोड़ा अधिक किराये वाली विशेष ट्रेनों के रूप में चलाया जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को जोनल रेलवे को लिखे पत्र में कहा कि ट्रेनें अब अपने नियमित नंबर के साथ परिचालित की जाएंगी और किराया कोविड पूर्व दर जैसा सामान्य हो जाएगा।
महेंद्रगढ़ में 28 और नारनौल ट्रैक पर चलती हैं 14 ट्रेनें
महेंद्रगढ़ ट्रैक अप-डाउन की 26 गाड़ियां तथा नारनौल ट्रैक पर 14 गाड़ियां चल रही हैं। इनमें पैसेंजर एवं एक्सप्रेस गाड़ियां भी शामिल हैं। कोरोना से पहले महेंद्रगढ़ ट्रैक पर 32 गाड़ियां चल रही थीं। हिसार की चार तथा सीकर की दिन के समय की दो गाड़ियां अभी नहीं चली हैं, जबकि नारनौल ट्रैक पर सभी गाड़ियां सुचारु रूप से चल रही हैं।
कोविड के चलते यह बनाए गए हैं नियम
कोरोना कॉल में जरूरत के अनुसार ही लोग यात्रा करें, इसके लिए केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा रखी है। सभी पैसेंजर गाड़ियों में एक्सप्रेस गाड़ियों का किराया चार्ज किया जा रहा है। टिकट काउंटर पर मिलने की बजाय गाड़ी प्रारंभिक स्टेशन से चलने से चार घंटे पहले बुक करवानी पड़ती है। कोविड से पहले कम से कम लगने वाले 10 रुपये किराये की जगह 30 रुपये किराया यात्रियों से चार्ज किया जा रहा है। एक्सप्रेस गाड़ियों में एमएसटी की सेवा शुरू नहीं हो पाई है। प्लेटफॉर्म टिकट 5 रुपये की बजाय 50 रुपये कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्रालय के उपरोक्त आदेश लागू होने के बाद सभी व्यवस्था पहले जैसी हो जाएंगी।
रेलवे मंत्रालय की ओर से आदेश जारी हुए हैं कि कोरोना काल में बनाई गई स्पेशल ट्रेनें पहले वाले नंबर पर ही चलाई जाएंगी। किराया भी पहले की तरह ही लिया जाएगा। आदेश लागू होने की अभी कोई तारीख तय नहीं की गई। इसमें डाटा बेस तथा अन्य कार्य होना बाकी है। जैसे ही केंद्र मंत्रालय की ओर से तारीख तय कर दी जाएगी, उसके बाद वो यहां लागू कर दिए जाएंगे। अनिल रैना, सीनियर डीसीएम, बीकानेर मंडल।