नारनौल। रेलवे ने छोटे और मझौले व्यापारियों के हित में मालगाड़ी से सामान भेजने की नीति में बदलाव किया है। कम मात्रा व वजन का सामान अभी तक व्यापारी रेलवे के पार्सल वैन के द्वारा ही भेज सकते थे। मालगाड़ी डिब्बों से भेजने के लिए पूरी गाड़ी को किराये पर लेना होता था।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार रेलवे बोर्ड ने माल लदान की नीति में बदलाव किए हैं। अब सीमेंट, कोयला, खाद्यान्नों इत्यादि बड़े मदों के साथ-साथ अन्य सामान जैसे दवाइयां, दुग्ध उत्पाद, मसाले, कपड़े, बिजली के उपकरण इत्यादि छोटे मद भी बीसीएन ( बोगी कवर्ड वैगन) मालगाड़ी में लदान कर परिवहन किए जा सकेंगे। इससे छोटे व्यापारियों को लाभ होगा एवं रेलवे को राजस्व प्राप्ति के लिए नया स्रोत मिलेगा।
इसके लिए परिवहन किए जाने वाले सामानों की सूची निर्धारित की गई है। इन मदों का मालभाड़ा मालगाड़ी में भी पार्सल वैन की तरह पार्सल दरों पर ही निर्धारित किया गया है। व्यापारी को एक वैगन में कम से कम न्यूनतम वजन 14 टन या वास्तविक वजन का शुल्क लिया जाएगा। इस तरह बुक किए गए सामानों में मालगाड़ी के डिब्बों की संख्या भी 42 के स्थान पर न्यूनतम संख्या भी 30 निर्धारित की गई है। साथ ही साधारण मालगाड़ी में भी जगह होने पर इस तरह के सामान लदे हुए वैगन जोड़े जा सकेंगे।रेलवे बोर्ड ने यह आदेश 1 वर्ष के लिए जारी किए हैं तथा इसकी समीक्षा कर इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।