नारनौल/नांगल चौधरी। अप्रैल की शुरुआत में ही भीषण गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। रविवार को शहर के बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। रविवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लू का कहर भी जारी है। जिसके चलते लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज करने लगे हैं। वहीं मौसम विभाग के अनुसार 12-14 अप्रैल के दौरान मौसम में परिवर्तन होने से तापमान में 3-4 डिग्री की कमी आ सकती है।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि राजस्थान और गुजरात में बने प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन में तेजी की वजह से नमी और आर्द्रता नदारद है। सूरज के तीखे तेवर ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है। लू ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जिसके चलते जिले का पारा लगातार बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण हरियाणा, एनसीआर दिल्ली पर ऑरेंज और महेंद्रगढ़ पर तीव्र हीट बेव लू चलने की वजह से रेड अलर्ट जारी किया है। जिला महेंद्रगढ़ में अभी तीन चार दिनों तक आमजन को गर्मी के प्रचंड प्रकोप से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 12 अप्रैल की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 12-14 अप्रैल के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत के अधिकांश मैदानी राज्यों राजस्थान, हरियाणा, एनसीआर दिल्ली और विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। संपूर्ण इलाके में आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी। साथ ही कुछ स्थानों पर में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।
वहीं भीषण गर्मी व तेज धूप के कारण लोगों का दिन में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आसमान से बरस रही आग के कारण लोग बेहाल हैं। इससे बाजारों में लोगों की चहलपहल कम हो गई है। बाजारों में सुबह-शाम ही लोगों चहल-पहल दिखाई पड़ रही है। दिन के समय बाजार सुनसान रहने लगे हैं। बाजारों में ग्राहक नहीं पहुंचने के चलते दुकानदार भी परेशान है।
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गर्मियों में बासी भोजन नहीं करना चाहिए
गर्मियों में कभी भी बासी भोजन नहीं करना चाहिए और हमेशा ताजा भोजन ही खाना चाहिए। ऐसे मौसम में सब्जी-दाले आदि जल्दी खराब हो जाती है। इसके अलावा गर्मियों में सुपाच्य भोजन ही करना चाहिए। ज्यादा देर तक खाली पेट रहने से शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी हो जाती हैं। जिससे कमजोरी के साथ-साथ कई बीमारियां होने का डर बना रहता है। गर्मी में मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करने से शरीर चुस्त और तरोताजा रहता है। इसलिए तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, अनानास, मौसमी व लीची खाना फायदेमंद है।
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बदलते मौसम से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
मौसम में परिवर्तन का असर इन दिनों लोगों के स्वास्थ्य पर साफ देखने को मिल रहा है। मौसम के बदलते रंग व गलत खानपान ने कई प्रकार की बीमारियों को न्योता दे दिया हैं। गर्मी व बाजार का तला हुआ व्यंजन खाने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा हैं। एसएमओ डॉ. अशोक यादव ने बताया कि इन दिनों जिस तरह मौसम अपना रंग बदल रहा है उसी तरह शरीर में भी काफी बदलाव होने लगते हैं। बेचैनी, घबराहट, सुस्ती के अलावा पेट संबंधी परेशानियां इस मौसम में आम होती हैं। ऐसे मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसमें डीहाइड्रेशन, स्किन बर्न, फीवर और हीट स्ट्रोक आदि मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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गर्मी में पीए पर्याप्त पानी
गर्मी के मौसम में शरीर को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, ऐसे में हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखनी चाहिए और थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए। क्योंकि गर्मियों में शरीर से पसीना निकलता है जिससे डिहाईड्रेशन होने का खतरा रहता है। दिनभर प्रयास करें कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिया जाए। इससे शरीर से सारी गंदगी बाहर निकल जाती है और पाचन क्रिया भी ठीक रहती है।